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Siddharthnagar News: अंदर से बंद था अस्पताल, 40 मिनट टीम ने किया इंतजार, नोटिस चस्पा

Tue, 18 Aug 2026 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- प्रसूता की मौत की जांच करने पहुंची थी टीम, बंद मिला नवजीवन अस्पताल
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- अग्रिम आदेश तक अस्पताल बंद रखने की चेतावनी
सिद्धार्थनगर। प्रसूता की मौत के मामले की जांच करने खेसरहा थाना क्षेत्र के बेलौहा बाजार स्थित नवजीवन अस्पताल में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम पहुंची। अस्पताल अंदर से बंद मिला। टीम ने करीब 45 मिनट तक अस्पताल खुलने का इंतजार किया लेकिन कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। इसके बाद अधिकारियों ने मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा कर अग्रिम आदेश तक अस्पताल बंद रखने की चेतावनी दी।
14 अगस्त को परसौना छितौनी गांव निवासी रिंकी को प्रसव पीड़ा होने पर नवजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि सामान्य प्रसव के लिए भर्ती कराने के बाद अस्पताल में ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे गोरखपुर रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
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इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. शेषनाथ गौतम और नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम अस्पताल पहुंची। अस्पताल बंद मिलने पर अधिकारियों ने काफी देर इंतजार किया। इस दौरान अस्पताल के बाहर बैठी पनघटिया गांव निवासी ज्योति पत्नी अजय से भी टीम ने जानकारी ली।
ज्योति ने बताया कि नौ अगस्त को इसी अस्पताल में ऑपरेशन से उसके बच्चे का जन्म हुआ था। ऑपरेशन के टांके वाले स्थान से लगातार खून निकल रहा है। एक दिन पहले अस्पताल आकर चिकित्सकों को दिखाया था जहां दवा लेने की सलाह दी गई थी। मंगलवार को दोबारा अस्पताल पहुंची तो अस्पताल बंद मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएमओ ने महिला को तत्काल सीएचसी खेसरहा में चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। उन्होंने सीएचसी के चिकित्सकों से फोन पर बात कर महिला को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सीएचसी खेसरहा के चिकित्सक डॉ. शहनवाज हुसैन भी मौजूद रहे।
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अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ने भी खड़े किए सवाल
जांच के दौरान टीम ने महिला की मेडिकल फाइल देखी और जांच व अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। महिला ने बताया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट इसी अस्पताल की है। इस पर टीम ने रिपोर्ट को लेकर सवाल उठाए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में संचालित बताया जा रहा अल्ट्रासाउंड केंद्र पहले ही अनियमितता पाए जाने के बाद बंद कराया जा चुका है। ऐसे में मरीज की फाइल में अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मिलने की भी जांच की जा रही है। बताया गया कि पूर्व की जांच में अस्पताल के पंजीकरण और अल्ट्रासाउंड संचालन से जुड़े नियमों के उल्लंघन समेत कई बिंदु सामने आए थे। अब महिला की मौत के मामले के साथ अस्पताल के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, ऑपरेशन की व्यवस्था और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
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