संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा की बार्डर पर अनिश्चितकालीन नाकेबंदी बुधवार को भी जारी रही। मोर्चे के दोनों गुटों के सदस्य भंसार कार्यालय के सामने अलग-अलग कैंप लगाकर धरने पर डटे रहे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेपाल सरकार के खिलाफ नारे लगाए और संविधान में मधेसी हितों की रक्षा की आवाज को बुलंद किया। लगातार नाकेबंदी से नेपाल सरकार को राजस्व की मोटी चपत लग रही है। कृष्णानगर (नेपाल) में मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठे एक गुट का नेतृत्व नेपाल के पूर्व मंत्री ईश्वर दयाल मिश्र, मंगल गुप्ता व रामकुमार गुप्ता संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत से आ रहे सामान लदे ट्रकों को नेपाल नहीं जाने दिया जाएगा। इसके जरिए हमारी कोशिश देश की निरकुंश और संवेदनहीन सरकार की तंद्रा भंग करनी है। धरने में राजू मिश्रा, राजकुमार चौधरी, बड़कू चौधरी, भागीरथी चौधरी, दीपक शुक्ला, विजय जायसवाल आदि शामिल रहे।
कृष्णानगर क्षेत्र संख्या 5 के सांसद अभिषेक प्रताप शाह के नेतृत्व में दूसरे गुट का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। सांसद ने कहा कि मधेसी समाज अपना हक मिलने तक नाकेबंदी जारी रखेगा। धरने में मोर्चा संयोजक सतीश चंद्र गुप्ता, संघीय समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अकरम पठान, अजीत सिंह, सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि नेपाल सरकार की धमकियों से मधेसी समाज नहीं डरेगा। आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। धरने में बीरबल वरेई, परशुराम, सलील अहमद आदि शामिल रहे।