गन्ने की खेती करने वाले क्षेत्रीय किसान प्रदेश सरकार के फैसले से मायूस हो गए हैं। गन्ना मूल्य न बढ़ाने से चिंतित किसानों से सरकार के फैसले को किसान विरोधी करार दिया है।
किसानों का कहना है कि तमाम परेशानियों के बाद भी बड़े उत्साह से गन्ने की खेती कर रहे थे। इस फैसले उन्हें निराशा हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती रही है।
सिद्धार्थनगर जिला भी इसका प्रमुख केन्द्र था। प्रतिकूल माहौल और प्रोत्साहन न मिलने से खेती के प्रति किसानों का रूझान घटता गया। अब जिले में गन्ने की खेती सिमट गई है। मुश्किलों में जो किसान गन्ने की खेती कर रहे हैं, उनमें भी नए फैसले से निराशा हुई है।