आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला मंत्री श्यामबिहारी चौधरी के नियुक्ति दस्तावेज में गड़बड़ियां मिली हैं। जिस निवास प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षक की नौकरी हासिल की है, वह ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में नहीं है।
अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।इस कार्रवाई से शिक्षा मित्र संगठन में खलबली मच गई है।
बीएसए पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। आंदोलन की चेतावनी दी है। बढ़नी ब्लॉक के महादेव बुजुर्ग प्राथमिक विद्यालय पर सहायक अध्यापक के रूप में तैनात श्यामबिहारी चौधरी ने दस्तावेजों में अपना निवास जोगिया ब्लॉक के सोनौरा गांव में दर्शाया है।
इसी से संबंधित दस्तावेज भी जमा किए हैं। निवास प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत पर जांच कराई गई तो ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने पंचायत के परिवार रजिस्टर में श्याम बिहारी का नाम न होना बताया है।
सेक्रेट्री की इस रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए बीएसए ने फर्जी निवास प्रमाण की आशंका में वेतन रोकने का आदेश दिया है।
वित्त एवं लेखाधिकारी को प्रेषित पत्र में बीएसए अजय कुमार सिंह ने कहा है कि श्याम बिहारी चौधरी का वेतन तब तक न जारी किया जाए, जब तक जांच की अन्य औपचारिकताएं पूरी करते हुए अगला कोई आदेश न दिया जाए।
बीएसए की इस कार्रवाई को शिक्षा मित्र संघ ने आपत्तिजनक करार दिया है। आरोपी शिक्षक का कहना है कि वह 2001 से नौकरी कर रहे हैं, मगर अब तक निवास प्रमाण पत्र में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी।
पिछले दिनों बीएसए के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई, इसी से क्षुब्ध होकर उनके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सफाई दी कि अगर रिकार्ड में कमी है तो मुझसे जवाब मांगे बगैर यह कार्रवाई की गई, जो गलत है।