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Siddharthnagar News: नंबर बढ़ाने का झांसा... अलर्ट रहें, वरना खाली हो जाएगा खाता

Sat, 18 Apr 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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फोटो- है
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- हाईस्कूल व इंटर के छात्रों को लगातार आ रहे कॉल, नंबर के नाम पर छात्र-छात्राएं फिर निशाने पर

- फेल करने की धमकी देकर मांगे जा रहे पैसे, खुद को शिक्षा परिषद का कर्मचारी बताकर कर रहे ठगी

- 2000-5000 रुपये तक ऑनलाइन भुगतान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर आपके बच्चे ने हाईस्कूल या इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है और उसे बोर्ड ऑफिस से कॉल कर नंबर बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं तो फौरन अलर्ट हो जाइए। क्योंकि, यह साइबर ठगों ने खाता साफ करने का नया तरीका निकाला है। अगर आप नहीं चेते तो एक झटके में आपका खाता खाली हो सकता है। इससे न तो नंबर बढ़ेंगे और न ही रिजल्ट को लेकर कोई फायदा या नुकसान होगा। हां, पैसे जरूर जा सकते हैं।
बोर्ड के अफसरों के साथ शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने साफ किया है कि इस संबंध में कोई कॉल नहीं आता है, अगर ऐसा हो तो बिना डरे बात करें और बात नहीं कर पाते हैं तो फोन काट दें।उनके झांसे में कतई न आएं। इस प्रकार कॉल की शिकायत डीआईओएस और साइबर थाने तक पहुंच चुकी है। इसमें कॉल करने वाले एक विषय में नंबर कम होने की धमकी दे रहे हैं। वह इतना तोड़ दे रहे हैं कि सामने वाले डरकर रुपये भेजने का विवश हो जाएगा। अगर गलती से ठगी के शिकर हो रहे हैं तो तत्काल साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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समय के साथ बदलते हैं ठगी करने का तरीका
आज हर हाथ में स्मार्टफोन है और हर व्यक्ति डिजिटल लेनदेन कर रहा है। बैंकिंग के साथ काम ऑनलाइन हो गए हैं। इस पर साइबर अपराधियों की नजर है। पुलिस जितनी तेजी से उन पर शिकंजा कसने की कोशिश करती है। वह उतने ही शातिराना अंदाजा में ठगी का कोई नया तरीका निकाल लेते हैं। फिर क्या लोगों पर जाल फेंका और फंसाकर ठगी करने काम शुरू। सीबीएसई बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद अब बाकी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा दे चुके छात्र-छात्राएं साइबर ठगों के निशाने पर हैं। बच्चों और उनके अभिभावकों के पास कॉल कर उन्हें शिकार बना रहे हैं।
कॉल करते ही नाम पूछते हैं। अगर अभिभावक उठा रहे हैं तो सीधा बोलते हैं आप फला के पापा बोल रहे हैं। आपके बच्चे ने इस कक्षा की परीक्षा दी है। हां करते हैं तो उनकी बात शुरू। भाई, मैं माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यालय से बोल रहा हैं। आपका बच्चा इस विषय में फेल है। अंक पत्र अपलोड करने की प्रक्रिया हम देख रहे हैं। अगर रुपये दिए तो सही हो जाएगा। सामने वाले से तीन से पांच हजार रुपये की डिमांड करते हैं, वह भी तत्काल और ऑनलाइन के जरिये। विषय, गणित, विज्ञान या फिर अंग्रेजी बताएंगे, जिसमें तुक्का लग जाता है कि बच्चा इस विषय में कमजोर होगा।
जय किसान इंटर कॉलेज सनई, बर्डपुर के एक इंटर कॉलेज और डुमरियागंज सहित जिले के कई इंटर काॅलेज के एक नहीं कई बच्चाें और अभिभावकों के पास कॉल आ चुके हैं जो विद्यालय पहुंचकर जानकारी दे रहे हैं। अभी किसी के ठगी का शिकार होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विद्यालय के सैकड़ों बच्चाें की शिकायत पहुंच चुकी है। यह भी कहना गलत नहीं होगा कि कितने लोग नंबर बढ़ाने के लिए रुपये दे चुके हैं। जिले में इस बार परीक्षा में करीब 65 हजार बच्चे बैठे थे। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों के शामिल थे।
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पहुंची शिकायत, पत्र जारी कर किया आगाह
अभिभावकों की ओर से लगातार आने वाली शिकायतों के बाद विद्यालय के जिम्मेदार भी परेशान हो गए। इसके बाद उनकी ओर से इस संबंध में डीआईओएस को जानकारी दी गई कि इस प्रकार से काॅल की जा रही है। अभिभावक और बच्चे दोनों परेशान हो रहे हैं। उन्हें फेल होने का डर सताने लगा है। इसके बाद डीआईओएस की ओर से इस संबंध में पत्र जारी करते हुए आगाह किया गया कि बोर्ड की ओर से कोई कॉल नहीं की जाती है। यह पूरी तरह से गोपनीय है, अगर इस प्रकार से कोई कॉल आ रहा है तो सतर्क रहें। रुपये की मांग करने पर कतई न दें। इस संबंध में जिले के सभी विद्यालय के प्रबंधक को पत्र जारी किया गया है।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि लगातार इस प्रकार की शिकायतें आ रही थीं। लोगों को जागरूक करने के लिए पत्र जारी किया गया है, जिससे कोई ठगी का शिकार न हो।
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बोला रुपये तो नहीं तो फेल हो जाओगी
जयकिसान इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की परीक्षा दे चुकी गौरी के अभिभावक के पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह बोर्ड से बोल रहा है। बच्चे इस विषय में फेल है। अगर 3500 रुपये भेज दो तो पास हो सकती है। नाम और रोल नंबर सही बताया था, इसलिए अभिभावक ने रुपये देने के बजाय विद्यालय से संपर्क किया।
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बोला रुपये दो नहीं तो समझो फेल
क्षेत्र की तबस्सुम के पास कॉल आया है, जिसने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। कॉल करने वाले ने नाम और रोल नंबर सही बताया तो वह दंग रह गए। इसके बाद कहा कि गणित में नंबर कम है, फेल हो जाओगे। फिर तीन हजार रुपये की डिमांड की। छात्रा ने रिकाॅर्डिंग ऑन रखी थी। वह गिड़गिड़ई तो दो हजार की मांग करने लगा। पूछने पर बताया कि बिहार का रहने वाला है। बोर्ड में अंकपत्र लोड करने काम करता है। 10 मिनट समय है, रुपये भेजे तो पास नहीं तो तुम समझो। छात्रा ने साइबर सेल में शिकायत की है।
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बोले साइबर एक्सपर्ट
आज तमाम प्रकार की ठगी हो रही है। साइबर ठगों ने जाल बिछा रखा है। बस उनसे सतर्क और बचकर रहने की जरूरत है। बोर्ड के परीक्षा परिणाम में नंबर बढ़ाने को लेकर कॉल करने की शिकायत आई है। ऐसे कॉल आए तो डरे नहीं बात करें और काट दें। क्योंकि, किसी भी बैंक या परीक्षा या अन्य दफ्तर से किसी काम के लिए रुपये या ओटीपी आदि नहीं मांगी जाती है, इसलिए जैसे ही डिमांड की बात आए बिना देर किए कॉल काट दीजिए, क्योंकि सामने वाला साइबर ठग है। इसके साथ ही अगर गलती से ठगी के शिकार हो जाते हैं तो साइबर थाने में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
- दिलीप कुमार द्विवेदी, साइबर एक्सपर्ट, साइबर थाना सिद्धार्थनगर
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