सिद्धार्थनगर। विकास खंड जोगिया की ग्राम पंचायत हरैया में शिकायत के बाद अभिलेख प्रस्तुत न करने के मामले में जिला मजिस्ट्रेट शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्राम प्रधान को नोटिस और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के निलंबन व विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की अनियमितता की शिकायत पर जिला उद्यान अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। जांच आख्या में कहा गया है कि ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम और सचिव/ग्राम विकास अधिकारी सुभाष चंद्र ने जांच के लिए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। जांच में इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच कर्ता की रिपोर्ट पर डीएम ने ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम को उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाकर ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी जाए।
प्रकरण में जिला मजिस्ट्रेट ने जिला विकास अधिकारी को गोपनीय पत्र भेजकर ग्राम विकास अधिकारी सुभाषचंद्र को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के तहत तत्काल निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।