फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आई बाढ़ तो फिर मचेगी तबाही

Tue, 15 May 2018 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
इटवा क्षेत्र के अशोगवा बांध भी जर्जर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। पिछले साल आई बाढ़ को लोग अभी भूले नहीं हैं। बाढ़ में घर गंवाने वाले लोगों की जिदंगी अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाई है। इन सबके बीच, उन्हें फिर से बाढ़ का डर सताने लगा है। कारण बाढ़ में जर्जर हो चुके बांधों की अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। बाढ़ से पिछले वर्ष जिले में करोड़ों का नुकसान हुआ था। कई जाने गई थीं और बेजुबान जानवार मरे थे। इसके बाद भी अब तक विभाग गंभीर नहीं है। ऐसे में अगर विभाग समय रहते नहीं चेता तो जिले को फिर तबाही झेलनी पड़ सकती है।
विज्ञापन

पिछले साल 300 से अधिक गांव बाढ़ के पानी में घिर गए थे। इसके बाद भी अभी तक बांधों की मरम्मत नहीं कराई गई है। प्रभावित गांव के लोगों इस बात को लेकर परेशान हैं। मगर जिम्मेदारों पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है। लोटन कोतवाली क्षेत्र में कूड़ा नदी पर बना केजी बांध, जोगिया क्षेत्र के गोनहा गांव से गुजरने वाला बांध, मिश्रौलिया क्षेत्र के असोगनवा नगवा बांधा, लखनापार- बैदौली बांध पिछले साल बाढ़ में टूट गे थे। इनके मुख्य कटान तो भर दिए गए, लेकिन अन्य स्थानों पर मरम्मत नहीं हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें