- मोहल्ले में बने नाले मुख्य नाले से जुड़े न होने से बारिश में बढ़ेगी परेशानी
- शहर में कई जगह पर अधूरा है नाला, नगर के पानी निकासी में होगी दिक्कत
सिद्धार्थनगर। मानसून के दिन धीरे-धीरे नजदीक आ रहे हैं। मुख्य मार्ग के किनारे नालियों का निर्माण कार्य चल रहा है जो अब भी अधूरा है। वहीं, शहर के कई मोहल्ले की नालियां अब तक मुख्य मार्ग की नाली से कनेक्ट नहीं हो पाई हैं। अंतिम छोर पर पकड़ी प्राकृतिक नाला तक नहीं बनने से जलनिकासी प्रभावित होगी। जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से जलभराव की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
वर्तमान में शहर के मुख्य मार्ग के पश्चिमी किनारे पर तहसील गेट से हाइडिल तिराहे तक नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वहीं, इससे पूर्व मुख्य मार्ग के पूर्वी किनारे पर भी हाइडिल तिराहे तक नाला निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन इन नालों के अंतिम छोर तक नहीं पहुंचने से इसके जरिये जलनिकासी संभव नहीं है।
लोगों के अनुसार, पूर्व में रेलवे लाइन के दक्षिण में स्थित शहरी आबादी का जलनिकासी सड़क किनारे स्थित कच्चे नाले के माध्यम से पकड़ी प्राकृतिक नाला में होता रहा है। वर्तमान में हाइडिल तिराहे से पकड़ी प्राकृतिक नाला तक मुख्य मार्ग के दोनों किनारे बनी नालियां क्षतिग्रस्त या मिट्टी से पटकर समाप्त हो चुकी है। हाइडिल तिराहे पर नाला निर्माण ठप होने से आगे जलनिकासी नहीं हो सकेगी। वहीं, हाइडिल तिराहे से पकड़ी प्राकृतिक नाले तक सड़क किनारे और आसपास के मोहल्लों के लोगों के घरों व दुकानों का गंदा पानी भी बहने में मुसीबत होगी। इससे बारिश के मौसम में इन मोहल्लों में लोग जलभराव की समस्या से जूझेंगे।
सिविल लाइंस में भी मुसीबत
शहर के खजुरिया मार्ग पर बनी नाली और आजादनगर व सरोजनीनगर मोहल्ले में बनी नाली भी मुख्य लाने से नहीं जुड़ पाई है। वहीं, मुख्य मार्ग किनारे हाइडिल तिराहे पर बनी अधूरी नाली से शहर के आजादनगर, सिविल लाइंस, बाल्मिकीनगर, सरोजनीनगर, ऑफिसर्स कॉलोनी, थरौली और कांशीराम आवास समेत अन्य मोहल्ले जलभराव की समस्या से जूझेंगे। इसके साथ ही निचली भूमि पर स्थित सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड कार्यालय, पीडब्ल्यूडी परिसर, वन विभाग और पीएचसी नौगढ़ परिसर में भी जलभराव रहेगा। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण मोहल्ले के लोगों का घर से निकलना मुश्किल होता है।