शाहपुर। राप्ती नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाढ़ से निजात मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
पिछले वर्ष आई बाढ़ में राप्ती नदी किनारे बने शाहपुर-भोजपुर बांध दो स्थानों पर कट गया था। वहीं बांध में कुछ स्थानों पर अभी भी गैप बना है। इसकी अभी तक मरम्मत न होने से बाढ़ से होने वाली त्रासदी की आशंका से ग्रामीण अभी से सहमे हुए हैं।
राप्ती नदी किनारे 40 किमी लंबे शाहपुर-भोजपुर बांध का निर्माण कई वर्ष पहले हुआ। इसमें कई जगहों पर भूमि अधिग्रहण में विवाद होने से अभी भी गैप बना है। वहीं पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान दो स्थानों पर ओवरफ्लो करते हुए बांध कट गया था, जिसकी भी अभी मरम्मत नहीं हो सकी है। इन कटान वाले स्थानों पर रेगुलेटर लगाने के लिए पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मांग की थी, लेकिन विभाग की तरफ से इन स्थानों पर न तो मरम्मत कार्य कराया गया है, और न ही रेगुलेटर लगाने की पहल की गई। अब इस वर्ष बाढ़ की आशंका से नदी किनारे बसे गांव के लोग भयभीत हैं।
लोगों का कहना है कि बांध की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे इस वर्ष बाढ़ से तबाही मचनी तय है। एसडीएम डुमरियागंज डाॅ. संजीव दीक्षित ने बताया कि सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया है कि जहां-जहां क्षतिग्रस्त बांध है, उसकी मरम्मत का कार्य मानसून से पहले 15 जून तक पूर्ण करा लिया जाए। साथ ही नेबुआ रमवापुर के बड़हरा टोला में क्षतिग्रस्त बांध का निर्माण कार्य जल्द शुरु करा दिया जाएगा।