निर्माणाधीन भवन की बालकनी का छज्जा गिरा, तीन मजदूर जख्मी
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। तहसील परिसर में बन रहे तीन मंजिला भवन की बालकनी का छज्जा सोमवार को गिर गया। यह घटना छज्जा पर दीवार जोड़ते समय हुई, जिससे वहां काम कर रहे तीन मजदूर नीचे गिर गए। हादसे में एक मजदूर की कमर और दूसरे के सिर, नाक व जबड़ा में चोट लगी है। घायलों को पास के एक प्राइवेट अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाकर सीएचसी बेंवा भेज दिया गया। वहीं, मौके पर पहुंचे एसडीएम ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार व विभाग के जेई के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए मजदूरों के साथियों से तहरीर दिलवाई है।
डुमरियागंज तहसील में वर्ष 2016 में लेखपालों के जर्जर भवन को तोड़कर उसके स्थान पर आवास के लिए नए भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड सीएलडीएफ करवा रही है। बिना पिलर के बन रहे भवन की शिकायत होने पर वर्ष 2018 में इसकी जांच तत्कालीन डीएम और मंडलायुक्त द्वारा की गई थी, जिसके बाद निर्माण कार्य बंद हो गया था। इसके बाद निर्माण दो साल बाद फिर से 2020 में शुरू हुआ। सोमवार को तीसरी मंजिल की बालकनी के छज्जे पर दीवार जोड़ने के दौरान वह गिर गया। इस घटना में प्रमोद कुमार और पाहुन निवासी भगवानपुर कोडां थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रमोद के कमर और हाथ में ज्यादा चोट लगी है। दूसरे मजदूर पाहुन को भी गंभीर चोट पहुंची है। वहीं, तीसरे मजदूर दुखराम को मामूली चोट लगी है, जिन्हें उनके साथियों और स्थानीय लोग एक निजी अस्पताल ले गए, जहां दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। इधर जानकारी होने पर एसडीएम प्रमोद कुमार के साथ तहसीलदार राजेश सिंह और नायब तहसीलदार आनंद ओझा भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और घटनास्थल पर भी जाकर मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और विभाग के जेई पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने पर मजदूरों के साथी से तहरीर दिलवाई।
मानक के विपरीत निर्माण कार्य कराने वाली कार्यदायी संस्था और जेई के खिलाफ तहरीर दिलवाई गई है। घायलों को इलाज के लिए बेंवा सीएचसी पर भेजवाया गया है।
प्रमोद कुमार एसडीएम, डुमरियागंज
निर्माण कार्य में सेफ्टी किट की अनदेखी
तहसील परिसर में भवन निर्माण के लिए मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी कार्यदायी संस्था द्वारा लापरवाही बरती गई है। यहां मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट, जैकेट, हेलमेट और जूते नहीं दिए गए हैं। बिना सेफ्टी किट के ही मजदूर तीसरी मंजिल पर काम कर रहे थे।