सिद्धार्थनगर। नेपाल बॉर्डर से कोडीनयुक्त कफ सिरप की बरामदगी और नेपाल में की जा रही तस्करी का कनेक्शन उजागर होने के बाद अब पुलिस कड़ी से कड़ी को जोड़ने में लगी है। कफ सिरप की आपूर्ति करने वाले जिले के मेडिकल स्टोर संचालक हैं या फिर किसी के जरिये बाॅर्डर तक सिरप की खेप पहुंचाई जा रही है और यह सिर्फ कैरियर का काम कर रहे हैं।
इस इनपुट को पुख्ता करने के लिए पुलिस शीशी के बैच नंबर सहित अन्य बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। उत्पादन और सप्लाई कहां और कैसे हुई, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए पुलिस ड्रग विभाग का भी सहयोग ले रही है, जिससे असलियत को बाहर लाई जा सके। सूत्रों का कहना है कि बाॅर्डर इलाके के मेडिकल स्टोर और दवाओं की आपूर्ति करने वाले इसकी जद में आ सकते हैं।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोडीनयुक्त कफ सिरप के सेवन से मौत के बाद प्रदेश में हुए ऑडिट में सिर्फ डुमरियागंज की एक दुकान में ही गड़बड़ी मिली थी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा विभाग को कहीं और कोई गड़बड़ी नहीं मिली। मगर, तीन दिन पहले बॉर्डर पर 119 शीशी कोडीनयुक्त सिरप की बरामदगी और तीन तस्करों की गिरफ्तारी ने ऑडिट पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
सीमावर्ती इलाके के मोहाना थाना क्षेत्र से कोडीनयुक्त कफ सिरप की बरामदगी ने जहां नेपाल में तस्करी की चेन की आशंका को बल दिया है। वहीं, ड्रग विभाग की ऑडिट पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सबकुछ सामान्य था तो प्रतिबंधित सिरप बॉर्डर तक पहुंचा कैसे, इसका जवाब तलाशा जा रहा है।
बस्ती से जुड़ सकता है तस्करी का कनेक्शन : दवाओं का कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक ड्रग की आपूर्ति जिले में गोरखपुर के अलावा बस्ती से भी होती है। इसलिए बस्ती से भी तस्करी के नेटवर्क जुड़े होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। प्रदेश में छापामारी और जांच में बस्ती जनपद में तीन मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें केवल फर्म के नाम पर लाखों शीशी लखनऊ और झारखंड सहित अन्य प्रांत से सप्लाई हुई। लेकिन उसकी खपत और आपूर्ति कहां की गई, इसके बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं मिल पाए हैं और न ही जिम्मेदार सटीक जानकारी ही दे सके। जब जांच हुई तो लाखों शीशी अचानक गायब हो गईं। दवाओं की आपूर्ति सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा, बांसी और डुमरियागंज में होती है। ऐसे में आशंका जाहिर की जा रही है कि बस्ती से जो माल हटाया गया, उसे सिद्धार्थनगर में डंप कर दिया। अब धीरे-धीरे उसे बॉर्डर पार कराया जा रहा है। आशंका है कि नेपाल बाॅर्डर पर मिली सिरप की खेप इसी बेनामी स्टॉक का हिस्सा हो सकती हैं।