संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी की अदालत ने हत्या के अपराध में तीन में से एक सराजुल हक को दोषी ठहराते हुए को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा अब्दुल कयूम एवं वसीम अहमद हक को दोषमुक्त करार दिया है।
वहीं, आर्म्स एक्ट के अपराध में सराजुल हक को दोषी ठहराया गया, और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और और वसीम अहमद को दोषमुक्त कर दिया है। इसके अलावा सराजुल हक को 7 सीएलए में 6 माह की सजा और 5 सौ रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी चिल्हिया थाने के ग्राम गायघाट टोला कोल्हुवा के निवासी हैं।
सात अक्टूबर 2021 की सुबह 4:00 बजे मस्जिद में हत्या हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार सफिरूल्लाह निवासी गायघाट टोला कोलुहवा थाना चिल्हिया जिला सिद्धार्थनगर ने पुलिस तहरीर दी कि उसके भाई कमरूञ्जमा मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। थोड़ी देर बाद उनके भाई अब्दुल मोतीन तथा मो. जमा भी नमाज पढ़ने पहुंचे। तभी मस्जिद से फायरिंग की आवाज आई।
जब तक उसके भाई व भतीजा अंदर गए तो देखा कि उसके ही गांव के सराजुल हक व उनके दो लड़के कयूम एवं वसीम पुत्र सराजुल हक हाथ में कट्टा लिए थे। उसका भाई मस्जिद के अन्दर पड़ा था, जैसे ही हम लोगों को तीनों ने देखा तो अपने घर की तरफ भाग गए। भाई व भतीजा जैसे कमरूञ्जमा के पास गए उनकी गर्दन में पीछे की तरफ गोली का निशान था। वह मर चुके थे। शोर मचाने पर आसपास तथा गांव के तमाम लोग इकट्ठा हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर गांव में अफरातफरी मच गई।
पुलिस ने केस दर्ज करके विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर विचारण शुरू की और विचारण की समाप्ति पर साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराकर सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने सराजुल हक को आर्म्स एक्ट और 7 सीएलए में दोषी ठहराकर सजा सुनाया है।