शिक्षक भर्ती : स्पेशल काउंटर से होती थी फर्जी दस्तावेज वालों की काउंसलिंग
सिद्धार्थनगर। फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वालों की जांच में जुटी टीम को नए-नए तथ्य मिल रहे हैं। पता चला है कि फर्जीवाड़ा करने के लिए रैकेट काम करता था। ऐसे लोगों के लिए चिह्नित काउंटर होता था। पास वाले काउंटर पर बैठे कर्मी को भनक तक नहीं लगती थी। जांच में जुटी टीम कड़ियों को जोड़ रही है। साथ ही कर्मियों से बयान लेगी। कुछ लोगों से पूछताछ में तथ्य सामने आए हैं।
किसी दूसरे व्यक्ति के अंकपत्र पर नौकरी देने का खेल बेसिक शिक्षा विभाग में 26 वर्ष से चल रहा है। वर्ष 2017-18 में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मेहनत करने वाले बेरोजगार घूम रहे थे और उन्हीं के दस्तावेज पर दूसरे नौकरी हासिल कर लिए थे। फर्जीवाड़े की जांच एसटीएफ कर रही है। वहीं विवेचना जिले की पुलिस कर रही है। दो बार में 11 नए फर्जी शिक्षकों के नाम सामने आने के बाद अब ऐसों की संख्या बढ़कर 114 हो गई है। जांच में जुटी टीम के हाथ नए-नए तथ्य लग रहे हैं, जो पूर्व में कार्य करने वाले विशेष लोगों के संलिप्त होने की बात को पुख्ता कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, फर्जीवाड़े के इस खेल में हर भर्ती में रैकेट काम करता था। किस काउंटर पर काउंसलिंग करानी रहती थी और कौन कर्मी वहां बैठता तथा कागजात की जांच करता, यह सब पहले तय हो जाता था। उसके बाद फर्जी दस्तावेज वाले उसी आरक्षित काउंटर पर जाते थे। वहां उनके दस्तावेज देखे जाते थे। उसके बाद लिखा-पढ़ी कर दी जाती थी। वहीं दूसरे काउंटर वाले को इसकी भनक तक नहीं लगती थी। मामले की जांच जारी है। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि भर्ती से जुड़े सभी कर्मियों को नोटिस देकर बयान दर्ज कराया जाएगा। जो जिस भर्ती में शामिल था, उसे बयान देना होगा। इसमें आनाकानी करने वालों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।