सिद्धार्थनगर। जनपद में कालानमक धान के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को सीएफसी (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बांसी विधायक जय प्रताप सिंह मौजूद रहे। गोष्ठी में किसानों को कालानमक धान की अनुबंध खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
सीएफसी के निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि आगामी सत्र में किसानों के साथ अनुबंध खेती के माध्यम से 2000 हेक्टेयर क्षेत्र में कालानमक धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। इससे सीएफसी की प्रसंस्करण क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक किसानों और एफपीओ सदस्यों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
गोष्ठी में उपनिदेशक कृषि ने कालानमक की तकनीकी खेती और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। वहीं, सहायक आयुक्त उद्योग शिव शंकर कुमार ने ओडीओपी और उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया। ओडीओपी कंसल्टेंट अनुराग सिंह ने सीएफसी के संचालन और उससे मिलने वाले लाभों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में बताया गया कि जिन किसानों के पास चार टन से अधिक कालानमक धान उपलब्ध होगा, उनके धान का प्रसंस्करण और परिवहन निशुल्क किया जाएगा। इससे किसानों को बाजार तक पहुंच और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
मुख्य अतिथि जय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार कालानमक धान को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने सीएफसी के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने और प्रसंस्करण व पैकेजिंग सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। गोष्ठी में सीएफसी पदाधिकारी, एफपीओ सदस्य, किसान और बड़ी संख्या में गैर एफपीओ किसान उपस्थित रहे।