सिद्धार्थनगर। पंचायती राज निर्वाचन की अंतिम मतदाता सूची जारी होते ही गांवों की चौपालों पर चुनावी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। चुनाव की तारीखों का एलान भले अभी बाकी हो लेकिन संभावित उम्मीदवारों, मौजूदा प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। सूची में शामिल नामों, कटे हुए मतदाताओं और वर्तनी संबंधी त्रुटियों को लेकर गांव-गांव में चर्चा हो रही है।
अंतिम मतदाता सूची हाथ में आते ही दावेदार अपने समर्थकों के साथ वार्डवार मतदाताओं का आंकड़ा खंगालने में जुट गए हैं। कहीं जातीय समीकरणों की पड़ताल हो रही है तो कहीं यह देखा जा रहा है कि पिछले चुनाव की तुलना में किस वार्ड में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है और कहां कमी आई है। कई गांवों में संभावित उम्मीदवारों ने सूची की प्रतियां निकलवाकर समर्थकों को सौंप दी हैं ताकि परिवारवार नामों का मिलान कराया जा सके।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अंतिम पंचायती राज निर्वाचक नामावली के अनुसार जिले की 1136 ग्राम पंचायतों में कुल 20,64,932 मतदाता दर्ज हैं। इन्हीं मतदाताओं के आधार पर 1136 ग्राम प्रधान, 13,424 ग्राम पंचायत सदस्य, 1,116 क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा 45 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए चुनाव होगा। कुल 15,721 पंचायत पदों पर होने वाले चुनाव की बुनियाद अब इस अंतिम सूची पर ही टिकी है। ऐसे में मतदाता सूची जारी होते ही जिले में पंचायत चुनाव की सियासी हलचल और तेज हो गई है।
सूची में सबसे अधिक चर्चा नामों की मात्रा और वर्तनी संबंधी त्रुटियों को लेकर है। कई ग्रामीणों का कहना है कि नाम दर्ज हैं लेकिन मात्रा या अक्षरों की गलती के कारण पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है। कुछ मामलों में पिता अथवा पति के नाम में भी त्रुटियां सामने आई हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि ऐसी छोटी दिखने वाली गलतियां मतदान के दिन विवाद का कारण बन सकती हैं।
इसके साथ ही लोगों की नजर इस बात पर भी है कि किसका नाम सूची में जुड़ा और किसका कट गया। गांवों में यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है कि मतदाता पुनरीक्षण के दौरान कहां क्या बदलाव हुआ। कई स्थानों पर लोग पुराने और नए रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं।राजनीतिक दृष्टि से यह सूची बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आगामी पंचायत चुनाव की पूरी रणनीति इसी आधार पर तय होगी। उम्मीदवार बूथ और वार्ड स्तर पर मतदाताओं का वर्गीकरण कर रहे हैं। समर्थक, विरोधी और निर्णायक मतदाताओं की पहचान का काम शुरू हो चुका है। चुनावी समीकरण साधने के लिए सामाजिक और पारिवारिक नेटवर्क भी सक्रिय हो गए हैं।
सूची आते ही गांवों में क्या शुरू हुआ?
- वार्डवार वोटों का आकलन शुरू
- समर्थक और विरोधी मतदाताओं की पहचान
- नए और कटे नामों की पड़ताल
- नाम, पता और वर्तनी की गलतियों पर चर्चा
- जातीय व सामाजिक समीकरणों का विश्लेषण
- बूथवार चुनावी रणनीति पर मंथन
पंचायत चुनाव एक नजर में
- कुल ग्राम पंचायतें : 1136
- कुल मतदाता : 20,64,932
- ग्राम प्रधान पद : 1136
- ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड : 13,424
- क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड : 1,116
- जिला पंचायत सदस्य वार्ड : 45
- कुल पंचायत पद : 15,721
कोट
अंतिम मतदाता सूची पंचायत चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। इसी आधार पर मतदान और निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। जिन मतदाताओं के नाम सूची में हैं, वही मतदान और चुनाव लड़ने के पात्र होंगे।
- शिवशरणप्पा जीएन, जिला निर्वाचन कार्यालय, सिद्धार्थनगर