सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित जनपद के राजकीय इंटर कॉलेजों में लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। इनमें मुख्य विषयों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध होंगी। अधिकतर विद्यालयों में लाइब्रेरी का कार्य लगभग पूरा हो गया है और कुछ जगहों पर इनका संचालन भी शुरू हो गया है।
यह पहल सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार इन विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया करा रही है। इसका लक्ष्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर परिणाम दिलाने का है। लाइब्रेरी में विषय की पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षा की किताबें भी रखी जा रही हैं। इसमें सामान्य ज्ञान और धार्मिक ग्रंथ सहित अन्य प्रकार की पुस्तकें भी शामिल हैं। इससे बच्चे अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगे। जिले में कुल 28 राजकीय इंटर कॉलेज संचालित होते हैं। इन सभी कॉलेजों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन विद्यालयों में पर्याप्त जगह है, वहां लाइब्रेरी का संचालन शुरू किया जा चुका है।
सरकारी विद्यालयों का आधुनिकीकरण
सरकार भवनों को मॉडल बनाने का काम कर रही है। साथ ही, डिजिटल स्मार्ट क्लास भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। इससे उन्हें अच्छे परिणाम लाने में मदद मिलेगी। लाइब्रेरी योजना इन्हीं आधुनिकीकरण सुविधाओं का एक हिस्सा है। राजकीय इंटर कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से बच्चे पहले ही पायदान पर अपनी दिशा तय करने में सक्षम होंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट से ही प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए मानसिक रूप से तैयार होने पर उनकी मंजिल आसान हो जाएगी।
डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में लाइब्रेरी की व्यवस्था अधिकतर में हो गई है। जहां कुछ समस्या है, वहां पर भी यह व्यवस्था जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।