सिद्धार्थनगर/धेंसा। बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन खत्म होते ही सिद्धार्थनगर में ठगों ने रिजल्ट से पहले फेल का डर दिखाकर छात्रों से तीन से पांच हजार रुपये में पास कराने का सौदा कर रहे हैं। अनजान नंबरों से आ रही कॉल में खुद को प्रयागराज बोर्ड का कर्मचारी बताने वाले ये ठग बच्चों और अभिभावकों की घबराहट को हथियार बनाकर रुपये ऐंठने में जुटे हैं। जिले में सैकड़ों परीक्षार्थी इस गिरोह के निशाने पर हैं।
पेंडारी क्षेत्र के छात्रों ने ठगी के खेल का पर्दाफाश किया है। दो से तीन छात्रों ने कॉल रिकॉर्डिंग जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दी है। साफ सुना जा सकता है कि कॉल करने वाला सीधे कह रहा है कि “आप फेल हो जाएंगे, पैसा दे दीजिए तो पास करा देंगे।” सवाल यह भी उठ रहा है कि जब छात्रों ने अपनी कॉपियों में मोबाइल नंबर तक नहीं लिखा, तो आखिर उनका डेटा इन ठगों तक कैसे पहुंचा ?
नौसाद अली, कृष्ण कुमार समेत कई छात्रों के पास ऐसे कॉल आ चुके हैं। पेंडारी बुजुर्ग, जय किसान इंटर कॉलेज और मां गायत्री देवी इंटर कॉलेज के छात्रों को लगातार टारगेट किया जा रहा है। कुछ छात्र तो डर के कारण पैसे देने के कगार पर पहुंच गए थे, लेकिन समय रहते संभल गए। यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
विशेषज्ञ इसे संगठित साइबर क्राइम मान रहे हैं। उनका कहना है कि ठग परीक्षा और रिजल्ट के बीच के डर को निशाना बनाते हैं। वे जानते हैं कि इस समय छात्र और अभिभावक सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करते हैं, इसलिए डर दिखाकर तुरंत पैसे निकलवाने की कोशिश की जाती है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी इस गैंग के लिए सबसे बड़ा हथियार बन रही है।
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दयाशंकर यादव ने साफ कहा है कि बोर्ड की ओर से किसी भी छात्र को फोन नहीं किया जाता। जो भी खुद को बोर्ड का कर्मचारी बताकर पैसे मांग रहा है, वह ठग है और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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बोर्ड ने किया आगाह
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (प्रयागराज) ने सार्वजनिक अपील जारी करके छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की सलाह दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी निर्देश
- परिषद ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें। बोर्ड कभी भी व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अंक बढ़ाने जैसी कोई बात नहीं करता। साथ ही, अपनी निजी जानकारी जैसे रोल नंबर या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।
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ऐसे करें शिकायत
यदि किसी को इस तरह की कॉल या संदेश प्राप्त होता है, तो उसे रिकॉर्ड करें और तुरंत अपने जिले के डीआईओएस को सूचित करें। इसके अलावा, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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सतर्क रहें, नहीं तो फंसेंगे
- कॉल को तुरंत काटें, बात आगे न बढ़ाएं।
- पैसा बिल्कुल ट्रांसफर न करें।
- नंबर और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें।
- तुरंत साइबर सेल/पुलिस में शिकायत करें।
- स्कूल प्रशासन को अलर्ट करें।