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प्रशासन के खिलाफ धरने पर प्रवासी मजदूर

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प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे प्रवासी मजदूर
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सरकारी सहायता नहीं मिलने का लगाया आरोप, कहा- भुखमरी की कगार पर है परिवार
शोहरतगढ़ में जिगनिहवा उर्फ धनौरी गांव के निवासी हैं
अमर उजाला ब्यूरो
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। महानगरों से लौटने के बाद किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिलने से जिगनिहवा गांव के प्रवासी मजदूर सोमवार को शोहरतगढ़ तहसील में धरने पर बैठ गए। प्रवासी मजदूरों ने अधिकारियों से जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है।
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जिगनहिया उर्फ धनौरी गांव मजदूरों का आरोप था कि लॉकडाउन के दौरान महानगरों से अपने घर आए प्रवासी मजदूरों को राशन व सहायता राशि देने का दावा तहसील प्रशासन कर रहा है लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके विपरीत है। हर ग्रामसभा में 50 फीसदी प्रवासी मजदूर भी सरकारी सहायता नहीं पाए हैं। उनका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। सरकार की ओर से घोषित कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ कर्मचारियों की लापरवाही के कारण प्रवासी मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है। मजदूरों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उन्हें रोजगार दिलाने की मांग की। शोहरतगढ़ एसडीएम अनिल कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी हुई है। नायब तहसीलदार व लेखपाल को जांच के लिए कहा गया है। जो भी प्रवासी तय तारीख के बाद आए हैं उन्हें सरकारी सहायता दिलाई जाएगी।
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