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निर्मम मां ने आठ माह के बच्चे को ठुकराया

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निर्मम मां ने बच्चे को ठुकराया, पति से भी नाता तोड़ने को तैयार
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आठ माह के बीमार बेटे को छोड़ मां होना चाह रही अलग, पति लाचार
थाने पहुंचा मामला, महिला सुसराल नहीं जाने को राजी
श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। ‘खुदा ने ये सिफत दुनिया की हर औरत को बख्शी है, कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं।’ मशहूर शायर मुनव्वर राणा का शेर सोमवार को उस वक्त झूठा प्रतीत हुआ जब एक मां अपने आठ माह के बेटे को सिर्फ इसलिए छोड़ने पर अड़ गई कि वह दिव्यांग है। पति ने बच्चे संग घर लौटने की गुहार लगाई तो महिला उसे भी छोड़ने पर आमादा हो गई। सोमवार को महिला थाने पर एक दंपति को आपसी विवाद सुलझाने के लिए बुलाया गया। मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला जोड़ा पहुंचा तो पति की गोद में आठ माह का मासूम बेसुध हालत में था। पति बीमार बेटे को गोद में लिए हुए पत्नी से उन्हें छोड़कर नहीं जाने की मनुहार करता रहा। बच्चे की हालत देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को भी तरस आ रहा था। महिला से जानने की कोशिश की गई कि वह क्यों बच्चे को छोड़कर जा रही है तो उसने बताया कि बच्चा जन्म से ही बीमार है। उसका आरोप था कि ससुराल वाले बच्चे की देखरेख और इलाज नहीं करा रहे थे। वह बीमार बेटे को लेकर मायके में रह रही थी। उसने फैसला सुनाया कि वह अब न तो पति के साथ ससुराल जाएगी और न ही उसे बच्चे की जरूरत है। उसने महिला थाने में प्रार्थना देकर रिश्ता तोड़ते हुए ससुराल से सामान दिलाने की मांग की। पता यह भी चला कि दो दिन पूर्व महिला बच्चे को थाने पर छोड़कर भाग गई थी। इसके बाद उसकी सास को बच्चा सौंपा गया। महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव ने बताया कि मामला थाने पर आया है। दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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