संवाद न्यूज एजेंसी सिद्धार्थनगर/ शोहरतगढ़। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की बात जनपद में बेमानी साबित हाे रही है। अस्पतालों की जांच में पता चल रहा है कि न तो मानक पूरा है और न ही डॉक्टर हैं।
इसके बाद भी मरीजों को बरगलाकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। अस्पतालों की जांच शुरू हुई तो कई मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर सील हो गए। वहीं, नवीनीकरण नहीं कराने पर 46 निजी अस्पतालों को नोटिस देते हुए जवाब मांगा गया। साथ ही जैसे- जैसे जांच हो रही है। मामला खुल रहा है। शुक्रवार देर शाम शोहरतगढ़ क्षेत्र में तत्काल एक अस्पताल को नोटिस जारी करते हुए बंद करने का निर्देश दिया गया। वहीं, खेसरहा में एक अस्पताल के एक्स- रे सेंटर में कमियां मिलने पर कक्ष सील कर दिया गया है।
अभी जांच जारी है और अस्पताल सामने आएंगे। चिल्हिया थाना क्षेत्र के गौहनिया में संचालित जनता हॉस्पिटल पर शुक्रवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर नोटिस देकर तत्काल बंद करने का का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के अनुसार छापे के दौरान हॉस्पिटल अवैध पाया गया। हॉस्पिटल के बोर्ड पर अंकित चिकित्सकों के जो नाम थे, मौके पर नहीं मिले थे।
जांच टीम ने कहा कि तहसील क्षेत्र में और भी अवैध हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं। उन पर जल्द ही छापा मार कर उन्हें बंद करने का नोटिस दिया जाएगा। स्वास्थ्य टीम ने कस्बे के एक और हॉस्पिटल को नोटिस दिया है। लेकिन हॉस्पिटल का नाम उजागर नहीं किया गया है।
सीएचसी अधीक्षक डाॅ. एके आजाद, तहसीलदार अजय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम को गौहनिया में संचालित जनता हॉस्पिटल पर छापा माार। इसमें हॉस्पिटल अवैध पाया गया। हॉस्पिटल के बोर्ड पर कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम अंकित थे। लेकिन मौके पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। केवल हॉस्पिटल संचालक मौजूद पाया गया।
हॉस्पिटल में एक मरीज भर्ती मिला। उसके शरीर में खून की कमी थी। शरीर में सूजन थी। अधीक्षक ने तत्काल मरीज को शोहरतगढ़ सीएचसी या मेडिकल काॅलेज में शिफ्ट करने का निर्देश दिया, और हॉस्पिटल को नोटिस देते हुए तत्काल अस्पताल को बंद करने का निर्देश दिया।