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नदी में विलीन हो गया बांध का कुछ हिस्सा, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा

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नदी में विलीन हो गया बांध का कुछ हिस्सा, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा
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शाहपुर (सिद्धार्थनगर)। भनवापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत पेड़ारी के राजस्व गांव धनौहरा के पास राप्ती के मुहाने पर अर्द्धनिर्मित बांध में मानसून की पहली बरसात में ही कटान शुरू हो गई है। बांध का कुछ हिस्सा कटकर नदी में विलीन हो गया। बांध के कटान से प्रभावित लगभग आधा दर्जन से अधिक गांवों की 15 हजार आबादी भयभीत है।
बाढ़ से बचाने के लिए अर्द्धनिर्मित शाहपुर-भोजपुर परियोजना के रमवापुर उर्फ नेबुआ और धनौहरा गांव के पास मौजूद बांध के गैप को भरकर सिंचाई निर्माण खंड काम को पूरा करने में जुटा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बांध निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। गैप भर कर गांव को सुरक्षित करने का दावा तो कर दिया गया, मगर मानसून की पहली बरसात में ही निर्माण की अनियमितता की पोल खुल गई। जिस जगह गैप भरा गया, वहां महज तीन दिन की बारिश के दौरान राप्ती के जलस्तर में वृद्धि होने से कटान तेज हो गई। शुक्रवार दोपहर तक बांध का आधा हिस्सा कटकर नदी में विलीन हो गया। अब गांव वालों को बाढ़ का भय सताने लगा है।
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नेबुआ गांव के प्रधान शिवपूजन वर्मा, रामपाल, सुनील यादव, सुभाष आदि ने बताया कि बरसात की शुरुआत में ही कटान देखकर बाढ़ का भय सताने लगा है। लोगों ने कटान को रोकने और बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। इस संबंध में डुमरियागंज एसडीएम विकास कश्यप ने बताया कि बांध की कटान की जानकारी उन्हें नहीं है। पता करवाते हैं। अगर ऐसा है तो संबंधित विभाग के जिम्मेदारों को सूचित कर कटान रुकवाने की व्यवस्था की जाएगी। सिंचाई विभाग के जेई विकास मिश्रा ने बताया कि बांध का एक हिस्सा धंस गया है, उसकी मरम्मत कराई जाएगी।
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इन गांवों में मच सकती है तबाही
शाहपुर। मानसून की पहली बरसात में ही रमवापुर उर्फ नेबुआ और धनौहरा गांव के बीच बांध में कटान शुरू हो गई है। अगर बांध कट जाता है तो रमवापुर उर्फ नुबुआ और धनौहरा के अलावा राप्ती सिरसिया, पेड़ारी, धनौहरी, मछिया, खुरपहवा आदि गांवों में तबाही मच सकती ह।
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