संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस के प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण के संबंध में प्रत्येक तहसीलों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी स्थल पर जाकर समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराएं। निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट होना चाहिए। अवैध कब्जा हटवाएं। चकमार्ग की पैमाइश के बाद तत्काल मिट्टी पटाई कराएं। समस्त कार्य 30 जून 2025 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 0.5 हेक्टेयर से ऊपर के तालाबों का पट्टा कराने का निर्देश दिया। भूमि विवाद से संबंधित प्रकरण थानाध्यक्ष को न भेजे। उपजिलाधिकारी राजस्व निरीक्षक के साथ जाएं। सभी उपजिलाधिकारी राजस्व के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर निर्धारित समय में निस्तारित कराना सुनिश्चित करे। इसके साथ ही सभी शिकायतों का समय एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। फील्ड में जाने पर शिकायतकर्ता के साथ फोटो लेकर व शिकायतकर्ता का हस्ताक्षर कराकर ही आख्या लगाए। आख्या अपलोड करने से पूर्व शिकायतकर्ता से बात करे। यदि बिना शिकायतकर्ता से बात किये रिपोर्ट लगाई जाएगी तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग एवं विकास विभाग आपस में सामंजस्य बनाकर कार्य करे। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस के शिकायतों के निस्तारण में स्थल पर शिकायतकर्ता के साथ फाेटोग्राफ्स भी अपलोड कराए तथा शिकायतकर्ता का हस्ताक्षर भी कराया जाए। राजस्व विभाग के निस्तारण आख्या में उपजिलाधिकारी के हस्ताक्षर हो। लेखपाल व कानूनगो द्वारा शिकायतकर्ता के चिह्नित स्थल पर जाकर निस्तारण कराए। गरीब व्यक्तियों को समय से न्याय मिले। इसके अलावा नगर पंचायत, ग्राम्य विकास विभाग, लोनिवि आदि की शिकायतें प्राप्त हुई है। समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा आईजीआरएस के प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित कराएं।
बैठक में सीडीओ जयेंद्र कुमार, सीएमओ डा. रजत कुमार चौरसिया, एडीएम गौरव कुमार श्रीवास्तव व एडीएम (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ गोपाल प्रसाद कुशवाहा, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी वीर अभिमन्यु कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।