सिद्धार्थनगर। प्याज निर्यात पर 31 मार्च 2024 तक लगी रोक से थोक व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। कारण महंगी कीमत पर जो प्याज वह बाहर से मंगाए है अब उसकी कीमत में गिरावट तय है। उधर, निर्यात पर प्रतिबंध से नेपाल में प्याज की कीमत बढ़ने के साथ ही सीमा पर इसकी तस्करी बढ़ेगी।
वर्तमान में जिले में प्याज की थोक कीमत 45 से 50 रुपये किग्रा है और फुटकर दुकानों पर यह 55 से 60 रुपये में बिक रही है। अब निर्यात पर प्रतिबंध के बाद प्याज के दाम में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। सब्जी दुकानदारों की माने तो कुछ ही दिन में इसके भाव में 10 रुपये प्रति किग्रा गिरावट होगी। वही यहां थोक विक्रेताओं ने बाजार भाव में आयी तेजी के दौरान ही जो प्याज बाहर से मंगाई है आगे उसकी कीमत में गिरावट होनी है। ऐसे में उन्हें प्रत्येक किग्रा पर 10 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ सकता है। सब्जी के थोक विक्रेता मोहम्मद मुस्तफा कहते है कि प्याज निर्यात पर प्रतिबंध से खुले बाजार में इसकी कीमत में गिरावट आएगी। इससे वह जो प्याज महंगे कीमत पर बाहर से मंगाए हैं अब उसकी कीमत कम मिलेगी।
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नेपाल में मांग से बढ़ेगी तस्करी
निर्यात पर प्रतिबंध लगने से नेपाल में प्याज महंगी होने के साथ ही यहां पर इसकी मांग में भी बढ़ोतरी होगी। नेपाल में महंगे प्याज की आपूर्ति में कमी को पूरा करने के लिए सीमा पर इसकी तस्करी भी बढ़ेगी। इससे तस्कर यहां से सस्ते में प्याज खरीदकर नेपाल पहुंचाकर वहां महंगे कीमत पर बेंच अच्छा खासा मुनाफा हासिल करेंगे।