संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटवा तहसील के ग्राम परसोहिया तिवारी में पाकिस्तानी नागरिक की छह हेक्टेयर भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित किया गया है।
गांव निवासी मलिक शरीफुल रहमान पुत्र अब्दुल रहमान के पाकिस्तानी नागरिक बनने के बाद चकबंदी विभाग ने 25 जून 1990 को निष्क्रांत संपत्ति घोषित किया था। इस भूमि को वर्तमान जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्ति घोषित करते हुए गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है।
जिले की विभिन्न तहसीलों में शत्रु संपत्ति की हो रही छानबीन के क्रम में इटवा तहसील के ग्राम परसोहिया तिवारी में भी इस तरह की भूमि मिली है। डीएम के 17 सितंबर 2024 को दिए निर्देश पर एसडीएम इटवा ने सात दिसंबर 2024 को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें ग्राम परसोहिया तिवारी में पाकिस्तानी नागरिक मलिक शरीफुल रहमान के नाम पर भूमि पाई गई। इस गांव के चार गाटों में स्थित छह हेक्टेयर भूमि (पक्के 26 बीघा और कच्चे 50 बीघा से अधिक भूमि) पाकिस्तानी नागरिक मलिक शरीफुल रहमान के नाम दर्ज थी, जिसे चकबंदी के दौरान वर्ष 1990 में तत्कालीन परगनाधिकारी के आदेश पर निष्क्रांत संपत्ति घोषित किए जाने का आदेश चकबंदी आकार पत्र 23 पर अंकित है।
एसडीएम इटवा की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में यह भूमि खाली पड़ी है। इस पर किसी का कब्जा नहीं है। जिला प्रशासन ने इस भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करते हुए गृह मंत्रालय भारत सरकार को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
पूर्व में भी जिले में मिल चुकी है शत्रु संपत्ति : वर्ष 1960 में पाकिस्तान जाकर वहां की नागरिकता हासिल करने वाले वर्तमान में संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील (तत्कालीन तहसील बांसी) के ग्राम सिकरी निवासी अकबर अली की भूमि शत्रु संपत्ति घोषित हुई थी। जिला प्रशासन ने उसकी ग्राम साहूखिरिया के 19 गाटों व बेलवालगुनही में दर्ज 32 बीघा (पक्के) भूमि शत्रु संपत्ति घोषित की थी। वहीं अकबर अली की संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील के ग्राम सिकरी, फुलवरिया, रजाउर में स्थित संपूर्ण भूमि भी शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ गई है।
त