-छह बेड का ट्रॉमा सेंटर भवन तैयार, एनेस्थीसिया, न्यूरो सर्जन, हड्डी रोग और फिजिशियन की है जरूरत
-डॉक्टर और स्टाफ मिलने के बाद शुरू हो सकती है सेवा
गोरखपुर। जिला अस्पताल परिसर में गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज देने के लिए बनाया गया ट्रॉमा सेंटर भवन तैयार होने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है। करीब तीन साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से छह बेड के ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया गया था। भवन के साथ जरूरी उपकरण भी उपलब्ध हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण इसका संचालन अटका हुआ है।
ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से हादसों और गंभीर चोट के मरीजों को जिला अस्पताल में ही बेहतर और तत्काल इलाज मिल सकेगा। इसके लिए एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन के साथ अनुभवी स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत है। इनकी तैनाती नहीं होने के कारण अभी तक ट्रॉमा सेंटर को मरीजों के लिए नहीं खोला जा सका है। ट्रॉमा सेंटर के संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार फिर प्रयास शुरू किए गए हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह ने शासन को पत्र भेजकर आवश्यक डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है। विभाग को उम्मीद है कि शासन स्तर से जल्द ही इस दिशा में ठोस पहल होगी।
ट्रॉमा सेंटर के संचालन की प्रक्रिया को लेकर शासन को पत्र भेजा गया है। विशेषज्ञ डॉक्टर और आवश्यक स्टाफ उपलब्ध होने के बाद इसे शुरू कराया जाएगा। संसाधन और कर्मचारियों की व्यवस्था होते ही गंभीर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिल सकेगी।
डॉ. ओपी सिंह,प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक,जिला अस्पताल