- चंद्रबली हत्याकांड : उसका थाना क्षेत्र के ताल भिरौना गांव में हुई बोरिंग मैकेनिक की चाकू से गोदकर हत्या का मामला
- महज शराब का विवाद नहीं, सुनियोजित वारदात की आ रही बू, तीन से चार लोगों के शामिल होने की बात आ रही सामने
सिद्धार्थनगर। उसका थाना क्षेत्र के ताल भिरौना गांव में बोरिंग मैकेनिक चंद्रबली की चाकू से गोदकर की गई हत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। पुलिस ने जिन संदिग्धों को हिरासत में लिया था, उनसे कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं। ऐसे में पुलिस ने अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस अब सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात के अलावा दूसरे पहलुओं को भी टटोल रही है।
सूत्राें का कहना है कि चंद्रबली की ताबड़तोड़ वार कर की गई हत्या कहने को तो सामान्य विवाद है, लेकिन जिस तरह से हत्या की गई है और शरीर पर एक के बाद एक सटीक और घातक वार किए गए, उससे साफ है कि इस वारदात को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में इसे शराब पीने के दौरान हुए झगड़े से जोड़कर जांच और पूछताछ की गई तो यह महज शराब की दुकान पर पीने या खाने के विवाद तक सीमित नहीं रहा। इसके पीछे गहरी और सोची समझी साजिश का आशंका है। ऐसा इसलिए कि शराब पीने के लिए जाने वाला व्यक्ति धारदार हथियार लेकर नहीं जाएगा और और धारदार हथियार से अनगिनत वार कहीं न कहीं खुन्नस में की गई हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक चंद्रबली के गले से लेकर पेट तक करीब तीस वार किए गए थे। यह हमला किसी अचानक उभरे झगड़े जैसा नहीं बल्कि नियंत्रित और क्रूर प्रतीत हो रहा है। पुलिस के पूर्व के अधिकारियों का मानना है कि अगर केवल शराब को लेकर बहस होती तो मामला मारपीट या एक-दो वार तक सीमित रहता। लेकिन, इतने अधिक और जानलेवा हमले यह संकेत देते हैं कि हमलावरों का इरादा साफ तौर पर हत्या का ही था। वहीं, मृत चंद्रबली की कद-काठी को देखते हुए यह भी आशंका जताई जा रही है कि अकेला व्यक्ति इस वारदात को अंजाम नहीं दे सकता है बल्कि तीन से चार लोगों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया है।
इस संबंध में एसओ उसका हरेकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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परत-दर-परत खुलती कड़ी
पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन अब तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। जांच इस बिंदु पर टिक गई है कि हत्या से पहले चंद्रबली का किन-किन लोगों से संपर्क था। हालिया दिनों में कोई पुराना विवाद या लेन-देन तो नहीं चला आ रहा था। वारदात के समय उसकी गतिविधियां क्या थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घावों की दिशा और गहराई से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हमले एक साथ अलग-अलग दिशाओं से किए गए हो सकते हैं जो सामूहिक हमले को बल देता है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और घटनास्थल के आसपास देखे गए संदिग्ध गतिविधि को खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि हत्या के पीछे कोई बड़ी वजह सामने आ सकती है, जहां अभी तक किसी का जहन नहीं जा रहा है।
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यह है घटनाक्रम
उसका बाजार क्षेत्र के ताल भिरौना निवासी चंद्रबली (48) पुत्र वासुदेव हैंडपंप लगाने और बोरिंग करने का काम करता था। रविवार 18 जनवरी की शाम वह घर से खजूरडाढ़ पुल के पास चौराहे पर जाने की बात कहकर निकला। देर रात जब वह घर नहीं लौटा तो पत्नी संगीता ने उनके साथ गए व्यक्ति को फोन कर जानकारी ली। उसने बताया कि वह काफी पहले ही घर के लिए निकल गया है। यह सुनकर परिजन चिंतित होकर उसकी तलाश में निकले। इस दौरान गांव के बाहर पुलिया के पास गेहूं के खेत एक व्यक्ति को पड़ा देखा, पास गए तो खून से लथपथ चंद्रबली नजर आए। ऐसी हालत देख सभी सन्न हो गए। शरीर पर अनगिनत घाव थे। ऐसा लग रहा था कि किसी ने धारदार हथियार से उनके पूरे शरीर को नृशंस तरीके से गोद डाला हो। गांव में जानकारी पहुंची तो ग्रामीण भागे-भागे घटनास्थल पर पहुंचे, पत्नी ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी।
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इन पहलुओं से बढ़ा जांच का दायरा
शराब को लेकर विवाद सामान्य तौर पर हाथापाई तक सीमित रहता है
शरीर पर एक नहीं दर्जनों सटीक वार
हमलों का पैटर्न गुस्से में नहीं, योजना का संकेत
वारदात की क्रूरता से हत्या की मंशा स्पष्ट
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