- प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों में मिल रही विटामिन बी-12 की कमी
-थोड़ी देर बैठने से हाथ पैर हो जा रहा सुन्न, कमजोर हो रही हड्डी
सिद्धार्थनगर। गलत खानपान और पाचन तंत्र की कमजोरी से विटामिन बी 12 की कमी के मरीज बढ़ रहे हैं। इससे लोगों के हाथ पैर में झुनझुनाहट, दर्द होने के साथ ही बैठने पर या एक ही अवस्था में रहने पर हाथ पैर सुन्न हो जा रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि असंतुलित आहार, फास्ट फूड की आदत और पाचन तंत्र की कमजोरी इसके बड़े कारण हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पिछले एक वर्ष में विटामिन बी-12 की कमी के मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन और न्यूरोलॉजी वार्ड में आ रहे हैं। दोनों विभागों में प्रतिदिन लगभग 15 से 20 मरीजों में विटामिन बी-12 की कमी मिल रही है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का कहना है कि बी-12 की कमी से शरीर में कमजोरी, सुन्नपन, चक्कर और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं होती हैं। शाकाहारी और जंक फूड खाने वालों में मरीजों में यह समस्या अधिक है।
मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन और मिनरल्स का मिलना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर शरीर ठीक तरीके से फंक्शन नहीं कर पाता है। अगर शरीर बहुत थका हुआ और हाथ-पैर में सुन्नपन महसूस हो रा है तो ये शरीर में विटामिन बी-12 की कमी का संकेत देता है। दरअसल, ये एक ऐसा विटामिन है जिसे बॉडी खुद से नहीं बना सकती है उसके इसके लिए हमें पूरी तरह से डिपेंडेंट रहना पड़ता है, लेकिन सबसे खास बात कि खाने-पीने की बहुत कम चीजों में विटामिन बी-12 होता है। इसकी वह से इसकी कमी इंसानों को ज्यादा महसूस होती है। उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए डॉक्टर से सलाह ले। जबकि आहार में दूध, दही, पनीर, अंडा और हरी सब्जियों का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें। इससे इसकी कमी को दूर किया जा सकता है।
विटामिन बी-12 की कमी के लक्षण
- शरीर में विटामिन बी-12 की कमी के ये लक्षण नजर आते हैं
- लगातार कमजोरी महसूस होना
- हाथों और पैरों में सुन्नपन महसूस होना, झुनझुनी चढ़ना या चींटी चढ़ने जैसा लगना
- दिमाग को किसी चीज में फोकस करने में दिक्कत महसूस होना
- याददाश्त भी कम रहना
- स्किन में पीलापन दिखना, पीलिया होना
- जीभ में सूजन और दर्द होना