विकास भवन बाउंड्रीवाल पर बने प्रतिमा को तोड़ने के बाद घटना की जानकारी लेते सांसद जगदंबिका पाल।
सिद्धार्थनगर। विकास भवन गेट के पास दीवार में बनी विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्ति को तोड़ने और हटाने का बुधवार को जमकर विरोध हुआ। विरोध में सांसद जगदंबिका पाल और नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव धरने पर बैठ गए। सांसद का कहना था कि इस तरह से देवी-देवताओं और महापुरुषों की मूर्ति खंडित करने वालों पर केस दर्ज होना चाहिए। देर शाम मंडलायुक्त अखिलेश सिंह ने यथािस्थित बनाए रखने की घोषणा की, जिसके बाद सांसद ने धरना समाप्त किया।
विकास भवन गेट के पास सड़क किनारे दक्षिण तरफ की बाउंड्रीवाल में ही मां दुर्गा समेत विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमा बनाई गई थी। मूर्तियों व दीवार पर बने चित्रों को मंगलवार देर रात में तोड़कर हटा दिया गया। बुधवार सुबह इसकी जानकारी होने पर पुजारी प्रभुनाथ तिवारी और उनके परिजनों ने विरोध जताना शुरू कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर विभिन्न हिंदू संगठनों के साथ ही सांसद जगदंबिका पाल व नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव भी मौके पर पहुंच गए और विरोध में धरने पर बैठ गए। सांसद का कहना था कि विकास भवन की दीवार में बनी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं काे बुलडोजर से तोड़ा जाना धार्मिक भावनाओं का अपमान है, जिस तरह प्रशासन ने मूर्तियां तुड़वाईं हैं और उनके टुकड़े यहां पड़े हैं, वह अपमानजनक है।
ऐसा करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ केस दर्ज कराने की भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने डीएम, एसपी व एसडीएम को मामले में जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त से वार्ता के साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष इसको रखेंगे।
इस दौरान वहां पर भाजपा के जिला मंत्री फतेहबहादुर सिंह, बार एसोसिएशन के महामंत्री कृपाशंकर त्रिपाठी, सिहेंश्वरी मंदिर संचालक दिव्यांशु, ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रिंकू पाल आदि मौजूद रहे।
वहीं मौके पर नौगढ़ एसडीएम कल्याण सिंह मौर्य और सीओ सदर विश्वजीत सौर्यांग समेत पुलिस फोर्स मौजूद रहे।