डुमरियागंज। क्षेत्र के रसूलपुर में 22 वर्ष पहले निर्मित हुआ पीएचसी भवन का बिना उपयोग के ही खंडहर में बदल चुका है। लाखों रुपये खर्च कर निर्मित अस्पताल में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ डाॅक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी हुई, लेकिन अब तक इस भवन का उपयोग नहीं हो सका है।
यहां पर तैनात चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी लगातार अनुपस्थित रहते हैं, वहीं रख-रखाव के अभाव में यह भवन जर्जर हो चुका है।
क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डुमरियागंज के तत्कालीन विधायक स्व. मलिक तौफीक अहमद ने रसूलपुर में 1996 में पीएचसी भवन के निर्माण की पहल की।
अस्पताल निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन की आई तो गांव निवासी स्व. मेंहदी हसन ने अपनी एक एकड़ निजी भूमि पीएचसी के लिए दान कर दी। जमीन मिलने के बाद करीब 70 लाख रुपये खर्च कर पीएचसी भवन का निर्माण वर्ष 2003-04 में पूर्ण हुआ।
डाॅक्टरों के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई। इस पीएचसी में डाॅक्टर तैनाती के बाद से ही गैरहाजिर रहने और रात में तो कोई नहीं रहता है।