भनवापुर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गागापुर गांव में शुक्रवार को देर शाम एक साथ उठी दो अर्थियां तो हर किसी के आंखों से बरबस आंसू निकल पड़े।
क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के मौजूदगी में देर रात गागापुर गांव के पास से होकर जाने वाली राप्ती नदी के तट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दुर्घटना किसी ने अपना पिता खोया, किसी के मांग का सिंदूर उजड़ा तो वहीं, तीन मासूमों के सिर से मां का आंचल छिन गया।
क्षेत्र के गागापुर गांव से बृहस्पतिवार को अपने ई-रिक्शा से चालक विभूति चौहान (46) क्षेत्र के बिजौरा निवासी बरकत अली झाड़-फूंक कराने पचपेड़वा के लिए तैयार हुए तो पड़ोसी कंचन चौहान (40), भानमती, उर्मिला यादव भी साथ हो लीं। झाड़-फूंक कराकर सभी लौट रहे थे, तभी हादसा हुआ।