सिद्धार्थनगर। दिवाली और छठ पूजा के लिए ट्रेनों में सितंबर में ही सारी सीटें फुल हो गईं हैं। हालात यह है कि लोग ट्रेन में टिकट नहीं मिलने से वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे हैं।
किसी भी ट्रेन में स्लीपर बोगी में 31 अक्टूबर तक सीट खाली नहीं है। ऐसे में त्योहार पर यात्रियों को सफर में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, रेलवे अफसर त्योहार पर विशेष ट्रेनें चलाने की बात कह रहे हैं।
इस बार दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। जिले से हजारों लोग रोजी-रोटी के तलाश में मुंबई, दिल्ली व गुजरात जैसे बड़े शहरों में नौकरी करके अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, लेकिन त्योहार के समय में सभी प्रवासी अपने परिवार के साथ ही त्योहार को मनाने चाहते हैं।
ऐसे में ट्रेन में सीट नहीं मिलने से लोग अन्य व्यवस्थाओं से घर आने की तैयारी में हैं। जिले से होते हुए संचालित होने वाली मुंबई की ट्रेन में 31 अक्टूबर को स्लीपर और थ्री एसी में जगह नहीं है जबकि टू एसी में लंबी वेटिंग है।
्रदिल्ली से चलने वाली चंपारण हमसफर के सीटें भी फुल हो गई हैं। ऐसे में अब बस का सहारा है।
ट्रेन का आलम यह हैं कि एलटीटी के स्लीपर में 38 वेटिंग, थ्री एसी में 29 तो टू एसी में 13 वेटिंग हैं जबकि पनवेल के स्लीपर में 48 वेटिंग, थ्री एसी में 27 व टू एसी में 16 वेटिंग हैं। यहीं हाल अन्य ट्रनों का भी हैं।
जिले से मुंबई कमाने के लिए गए पवन मिश्रा, रामसजीवन, दिनेश, घनश्याम ने बताया कि ट्रेनों में लंबी वेटिंग लगी हुई है। इससे स्लीपर बसों में भी अभी से टिकट बुक हो रहा हैं। बाद में टिकट लेने से बस चालक मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।