- भनवापुर के सीएचसी सिरसिया में आयोजित समीक्षा बैठक में एएनएम को उच्च जोखिम के लक्षण की पहचान करने की नसीहत
भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में बृहस्पतिवार को एएनएम व पर्यवेक्षक की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने एएनएम को क्षेत्र में पहुंचकर आशा बहू के कार्यों का सत्यापन करने और गर्भवतियों का शीघ्र पंजीकरण, प्रसव पूर्व सभी जांचें , बच्चों के टीकाकरण तथा शिशु व बच्चों के देखभाल कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
अधीक्षक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी, गुर्दा रोग, लीवर रोग, क्षय रोग, जुड़वा बच्चे, फीटस का बेड़ा व तिरछा होना, गंभीर एनीमिया ( सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन ) प्लेसेंटा का विकृत व नीचे होना। गर्भवती की उम्र 20 वर्ष से कम अथवा 35 वर्ष से अधिक होना अथवा लंबाई 145 सेंटीमीटर से कम होना और पूर्व की गर्भावस्था के दौरान ऑपरेशन से बच्चा होना, पेट में बच्चा का मृत्यु हो जाना, दो या दो से अधिक बार गर्भपात होना आदि उच्च जोखिम के लक्षण होते हैं। ऐसे लक्षण पाए जाने पर गर्भवतियों की जान का खतरा होता है। एएनएम टीकाकरण सत्र पर गर्भवतियों के प्रसव पूर्व जांचों पर विशेष ध्यान दें और खतरे के लक्षण की पहचान कर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संदर्भित करें। प्रत्येक माह के 1, 9, 16 और 24 तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गर्भवतियों का हेल्थ चेकअप करवाना सुनिश्चित करें।
अधीक्षक बताया कि प्रसव सरकारी अस्पताल में करवाए, जिससे जन्म के समय टीकाकरण, अन्य चिकित्सीय सुविधा मिल सके तथा जच्चा व बच्चा को सुरक्षित किया जा सके। इस प्रकार से मातृ और शिशु मृत्यु की दर में कमी लाई जा सके। एचईओ राजीव त्रिपाठी ने एएनएम टीकाकरण के एक दिन पूर्व गांव में पहुंचकर आशा बहुओं के सहयोग से ड्यू लिस्ट को अपडेट व वैलिडेट करें और आशा बहू से बुलावा पर्ची का वितरण करवाएं। इस दौरान ध्रुव चंद, मनोज कुमार, तारामती, निधि रैकवार, मालती, रागनी, रीना आदि मौजूद रहीं।