दुकानों में लगा हुआ सीसीटीवी कैमरे लगे होने का स्टीकर।
- फोटो : संवाद
सिद्धार्थनगर। पुलिस के स्मार्ट होने के साथ ही चोर उनसे बचने के लिए दो कदम आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। इससे वह पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं और वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जा रहे हैं।
लोग घर में चोरी न हो इसके लिए फ्रंट पर कैमरे लगा रहे हैं। कैमरे से बचने के लिए चोर कई बार चेहरा ढककर या फिर घर के पीछे छत या अन्य माध्यम से दाखिल हो रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस को जांच में कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है। कारण कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उन्हें ठोस क्लू नहीं मिलता है।
पुलिस से जुड़े लोगों का कहना है कि बलरामपुर गैंग और अन्य चोरी की वारदात में पकड़े गए बदमाश भी कैमरे की नजर में न आएं, इसके लिए गांव के बाहर से आने, कैमरे से बचने के मुंह ढकने और जाते समय कैमरे के डीवीआर चोरी करने और तोड़ देने की बात स्वीकार कर चुके हैं। ऐसे में कैमरे को लेकर और गंभीर होने की जरूरत है।
नजरों से बचने के लिए करते थे सिवान का प्रयोग: अभी हाल ही में चोरी के मामले में पकड़ा गया बलरामपुर गैंग ने पूछताछ में यह जानकारी दी थी कि वह गांव के बाहर से बाग से आकर वारदात को अंजाम देते थे।
वह इसलिए कि गांव या फिर मुख्य मार्ग से आते हैं तो कहीं न कहीं कैमरे की नजर में या फिर व्यक्ति की नजर में जरूर आ जाएंगे, इसलिए बाग और सिवान के रास्ते घर तक पहुंचकर टारगेट करते थे।