सिद्धार्थनगर। सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में भगवान बुद्ध से जुड़े पिपरहवा अवशेष रत्नों का मुद्दा उठाया। कहा कि पिपरहवा सिद्धार्थनगर जिले में स्थित प्राचीन कपिलवस्तु की पहचान से जुड़ा हुआ स्थल है।
यहां भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के प्रारंभिक 29 वर्ष बिताए थे। वर्ष 1898 में ब्रिटिश इंजीनियर विलियम क्लैक्सटन पेप्पे की ओर से की गई खुदाई में यहां से 300 से अधिक पवित्र रत्न-धातुएं प्राप्त हुई थीं। ये अवशेष भगवान बुद्ध के अनुयायियों की ओर से तृतीय शताब्दी ईसा पूर्व में अर्पित किए गए माने जाते हैं और भारतीय पुरातत्त्व इतिहास की एक महान खोज हैं।
यह हस्तक्षेप भारत की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है जिसके तहत हम अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों को प्राप्त कर गर्व से उनका संरक्षण कर रहे हैं।