नगर पंचायत डुमरियागंज में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते दिनेशानंद। संवाद
भनवापुर। नगर पंचायत डुमरियागंज के वार्ड संख्या 10 महाराजा अग्रसेननगर में रोडवेज के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन बुधवार की रात्रि को कथावाचक स्वामी दिनेशानंद ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा स्वामी दिनेशानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण, कालयवन वध, उद्धव-गोपी संवाद, उद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु मानना, द्वारका नगरी की स्थापना तथा रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का विस्तार से रसपूर्ण पाठ किया। महारास लीला की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान करना जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जीव और ब्रह्म के इस मिलन को ही महारास कहा जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने 16 हजार कन्याओं से विवाह कर उनके साथ सुखमय जीवन व्यतीत किया। रुक्मिणी विवाह की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। विवाह उत्सव के आयोजन के दौरान भक्तगण भक्ति रस में डूबकर झूमते नजर आए और पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्य यजमान धर्मात्मा कसौधन और कमला देवी सहित पंकज गिरि, पं. राकेश शास्त्री, अशोक गुप्ता, नंदकिशोर, विनोद, संगमलाल, राजेश, आशीष उर्फ पिंटू आदि मौजूद रहे।