नगर पंचायत बिस्कोहर के मधवापुर गांव में कथा सुनाते व्यास सरजू प्रसाद। स्रोत विज्ञप्ति
बिस्कोहर। नगर पंचायत बिस्कोहर के मधवापुर गांव में माई मेढा दास मंदिर के परिसर में आयोजित पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ और संगीतमय पावन प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन बुधवार की रात को कथा व्यास सरजू प्रसाद बान ने प्रज्ञा पुराण का महत्व बताने के साथ ही व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण, मनुष्य में देवत्व का उदय, धरती पर स्वर्ग का अवतरण एवं मानव जीवन पर प्रकाश डाला।
कहा कि प्रज्ञा पुराण कथा में संस्कारित जीवन के सभी पहलुओं का वर्णन भी है। इस कथा को सुनने से मानव जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रज्ञा पुराण कथा का श्रवण करने के लिए प्रेरित किया। कथा के प्रसंग में व्यास ने देवऋषि नारद के जीवन की सरस व्याख्या की। नारद को एक महान ऋषि बताते हुए कहा कि उन्होंने चलते रहो की ज्ञान गंगा बहाकर समय-समय पर सबको सचेत किया। सुसंस्कृत समाज निर्माण पर चर्चा करते हुए व्यास ने इस दिशा में पहल के लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया। सृष्टि रचना की जानकारी देते हुए बताया कि इस सृष्टि में सबसे पहले यज्ञ की सृष्टि हुई थी, जिसमें अग्नि देव यज्ञ देवता के रूप में प्रकट हुए थे। अग्नि देव के बाद वरुण देव की सृष्टि हुई थी। कहा कि यज्ञ के लिए अग्नि और जीवन के लिए जल की आवश्यकता है। इस दौरान यज्ञ व्यवस्थापक बाबा तुलसीराम दास, सचिन शर्मा, भोलेनाथ, विक्की, अवधेश, मुकेश आदि मौजूद रहे।