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Siddharthnagar News: विदेश तक फैला है तस्करी का जाल विकास की गिरफ्तारी से टूटेगा नेटवर्क

Thu, 29 Jan 2026 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में पुलिस की चंगुल से दूर भाग रहे विकास सिंह और उसके दो सहयोगियों आकाश पाठ और अंकित श्रीवास्तव को जिले के मोहाना थाना क्षेत्र में नेपाल बाॅर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया। सिरप तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा कर रही कड़ियां अब और साफ होती जा रही है।
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विकास सिंह की गिरफ्तारी ने नेपाल बल्कि बांग्लादेश तक फैली सप्लाई चेन की आशंका को जहां पुख्ता किया है, वहीं इससे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की संभावना भी बढ़ गई है। मामले की जांच में लगी हाई लेवल एजेंसियां नेपाल और बांग्लादेश तक सप्लाई करने का पहले ही दावा कर चुकी हैं।
अब बॉर्डर से हुई इस गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को यकीन है कि मामला केवल स्थानीय तस्करी तक सीमित नहीं बल्कि इसके तार विदेशी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। यहां भी तस्करी के नेटवर्क फैले होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बाॅर्डर पर दवाओं की खेप और कफ सिरप समय-समय पर बरामद हो चुके हैं। इसके साथ ही हर साल बाॅर्डर पर 10 प्रतिशत मेडिकल स्टाेर की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे तस्करी की आशंका बढ़ गई है।
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जांच एजेंसियों का मानना है कि भारत-नेपाल सीमा का इस्तेमाल लंबे समय से इस सिंडिकेट द्वारा सेफ कॉरिडोर के रूप में किया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर्स की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई आखिर किन चैनलों से हो रही थी। जांच एजेंसियां इस बात से इन्कार नहीं कर रहीं कि स्थानीय स्तर पर भी नेटवर्क फैला हो सकता है, जहां से खेप इकट्ठा कर बॉर्डर पार भेजी जाती थी।
मेडिकल स्टोर और लोकल सप्लाई पर सवाल : सीमावर्ती इलाकों में संचालित मेडिकल स्टोर्स की भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता। जरूरत से ज्यादा कफ सिरप की खरीद-फरोख्त, स्टॉक रजिस्टर और सप्लाई बिल अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। स्थानीय नेटवर्क की मौजूदगी की आशंका गहराई है। क्योंकि, बार्डर पर संचालित होने वाले अधिकांश मेडिकल स्टोर नेपाल के लोगों से ही चलते हैं।
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