सिद्धार्थनगर। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट बीरेंद्र कुमार ने 10 वर्षीय किशोर से अप्राकृतिक दुष्कर्म के अभियुक्त रामकरन उर्फ शब्बर को दोषी ठहराते हुए उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना 23 सितंबर 2017 को खेसरहा थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार 10 वर्षीय पीड़ित बालक के चाचा ने थानाध्यक्ष को तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि 23 सितंबर 2017 को करीब 11 बजे उसका भतीजा रामलीला देखने गया था, जहां रामकरन उर्फ सब्बर उसके भतीजे को गलत काम करने की नीयत से पकड़कर झाड़ की तरफ ले गया, जिसकी आवाज सुनकर कई लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे वह उसके बालक को छोड़कर मौके से भाग गया। 25 सितंबर 2017 को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अप्राकृतिक दुष्कर्म के प्रयास के अपराध में केस दर्ज करके बालक का चिकित्सकीय परीक्षण करवाकर न्यायालय में उसका कलमबंद बयान दर्ज करवाया।