हल्लौर में आयोजित अब्बास डे मे कलाम पेश करते शायर इफहाम उतरौलवी। संवाद
भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बा स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित दो दिवसीय अब्बास डे कार्यक्रम के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को मर्सिया मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर शिरकत की। अंजुमनों के मातमी दस्तों ने नौहा पढ़कर मातम कर हजरत अब्बास को नजराना-ए-अकीदत पेश किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कलाम पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद मर्सियाख्वानी शाहिद आलम और उनके सहयोगियों ने की। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर ने संबोधित करते हुए हजरत अब्बास के फजायल और मसायब का बयान किया। उन्होंने हजरत अब्बास की कुर्बानियों और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
मजलिस के बाद मेहमान अंजुमन हैदरिया अब्दुल्लापुर-अकबरपुर और अंजुमन कमरे बनी हाशिम उतरौला के साथ ही स्थानीय अंजुमनों के मातमी दस्तों ने नौहा पढ़कर मातम कर अकीदत पेश की। मातमी दस्तों की प्रस्तुति के दौरान माहौल गमगीन हो गया। कार्यक्रम का संचालन बेताब हल्लौरी ने किया।
आयोजन में जलाल नासिर, अकबर आलम, फजले अली, कसिम रिजवी, नौशाद, नौशा अब्बास आलम, शम्स समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।