भनवापुर क्षेत्र के सफीपुर में आयोजित संचार गतिविधि एवं माता बैठक में आशा के कार्यों का सत्यापन
भनवापुर। क्षेत्र के सफीपुर में मंगलवार को संचार गतिविधि और माता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पहुंचे अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने औचक निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी।
अधीक्षक ने ग्रामीणों को बताया कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जांचें जैसे बीपी, वजन, हीमोग्लोबिन, यूरिन, शुगर, एचआईवी, सिफलिस पेट जांच आदि जरूर करवाएं, जिससे प्रारंभिक अवस्था में उच्च जोखिम के लक्षण की पहचान की जा सके। इससे समय पर इलाज और परामर्श के माध्यम से जच्चा-बच्चा को सुरक्षित किया जा सके। मछली का सेवन न करने पर नवजात शिशु का वजन 2500 ग्राम से कम होने की संभावना होती है, जिससे नवजात शिशु को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।