भनवापुर क्षेत्र के कलीचक में बेमौसम बारिश में डूबीं धान की फसल। संवाद
- फोटो : राम मंदिर के तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में मौजूद ज्योति किशन आमगे
भनवापुर। मौसम के इस अचानक बदलाव ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। ठंड बढ़ने के साथ-साथ चल रही तूफानी तेज हवाओं के चलते सिवान (खेतों) में खड़ी धान की पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में अधिकतर जगहों पर धान की फसलें तेज हवा के कारण लेट गई हैं या टूट गई हैं। बुधवार देर रात से शुरू हुआ रिमझिम बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार को मूसलाधार में बदल गया। लगातार हो रही बारिश और तेज हवा चलने से जहां ठंड का अहसास होने लगा है। वहीं दूसरी ओर किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
मौसम के इस बदले तेवर से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान के फसल की कटाई के समय पर फसल के जमीन पर गिर जाने से किसानों को अब भारी आर्थिक नुकसान का सामना उठाना पड़ेगा। लेटी हुई फसल को काटने में न केवल अधिक समय और श्रम लगेगा बल्कि पैदावार भी प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि मशीनों से कटाई करना मुश्किल होगा और मैनुअल कटाई में लागत बढ़ जाएगी।
संक्रमण का खतरा बढ़ा
अचानक मौसम के बदले जाने और लगातार हो रही इस बरसात के कारण बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मौसम में आई ठंडक और नमी के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार जैसी बीमारियों के मामले बढ़ने की आशंका है। डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम के बदलाव को देखते हुए गर्म कपड़े पहनें और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखें।