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Siddharthnagar News: सोशल मीडिया को बना रहे हथियार...मासूमों पर वार

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सिद्धार्थनगर। सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ सूचनाओं के आदान-प्रदान तक ही हो तो ठीक वरना यह बर्बादी का कारण बन रहा है। मासूम लोगों द्वारा पोस्ट की गई रील और फोटो का इस्तेमाल कर शातिर अपराधी ब्लैकमेल कर जिंदगी तबाह कर दे रहे हैं और इसके बाद पीड़ित के पास पछतावे और घुटन के सिवाय कुछ नहीं रह जाता।
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कपिलवस्तु इलाके की एक किशोरी के साथ आठ आरोपियों द्वारा की गई दरिंदगी की वारदात के बाद एक बार फिर इसकी तस्दीक हुई है।
डुमरियागंज और इटवा क्षेत्र में भी पहले ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। मगर, न जाने कितनी किशोरियां और महिलाएं भी ऐसे अपराध का शिकार हो रही हैं और बदनामी से बचने के लिए घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं। समाजशास्त्री इसके पीछे सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को वजह बता रहे हैं। वहीं, साइबर एक्सपर्ट इस प्रकार के अपराध से बचने के लिए तत्काल शिकायत करने और निजी जानकारी कम से कम लोगों से साझा करने की सलाह दे रहे हैं।
कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र एक की एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म में सोशल मीडिया को दरिंदों ने हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। किशोरी को वीडियो के जरिये ब्लैकमेल कर उसके साथ हैवानियत की। मामला सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ और अब तक पांच आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेज चुकी है। विवेचना का दायरा बढ़ा तो कुछ और नाम भी सामने आ सकते हैं।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये बढ़ाईं नजदीकियांपुलिस सूत्रों के मुताबिक, किशोरी की पहचान युवक से हुई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये नजदीकियां बढ़ीं। मिलने-जुलने के दौरान आरोपी ने किशोरी का वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने किशोरी का यौन शोषण किया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी के साथ एक-एक करके मुख्य आरोपी के सात अन्य साथियों ने किशोरी के साथ दरिंदगी की। पीड़िता किसी तरह परिजनों तक पहुंची और मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की तहरीर पर कोतवाली में पुलिस ने आठों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में कपिलवस्तु थाने के तत्कालीन एसओ विपिन सिंह को हटा दिया गया था। मौजूदा एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सोशल मीडिया से सिमट गई जिंदगी: मोबाइल और सोशल मीडिया के इस दौर में ‘रील और रियल’ की सीमाएं मिट रहीं हैं। मनोरंजन के नाम पर किशोर बहक रहे हैं और मासूम लड़कियां सोशल मीडिया की साजिशों में फंस रही हैं। अब वक्त है कि अभिभावक बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर नियंत्रण रखें और समाज भी इसके खिलाफ आवाज बुलंद करे वरना वायरल वीडियो बर्बादी की वजह बनते जाएंगे।
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