सिद्धार्थनगर। दिन में धूप और रात में ठंड ने त्वचा रोगियों की परेशानी बढ़ा दी है। सफाई में लापरवाही और संक्रमण के कारण एग्जिमा, खुजली, दाद आदि के मरीज बढ़े हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में इस तरह के 70 से 80 मरीज त्वचा रोगी के आ रहे हैं।
पिछले 15 दिनों से दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड पड़ रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। इसमें वायरल बुखार के मरीज अधिक संख्या में मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे। साथ ही बारिश के बाद से ही त्वचा रोग से पीड़ित मरीज बढ़े हैं। मरीजों को लाल दाने से लेकर पूरे शरीर में एलर्जी की शिकायत हो रही है। त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरफुल खान ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन त्वचा रोग के 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इन दिनों एग्जिमा, खुजली और दाद के मरीज ज्यादा हैं।
ठंड के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है। ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। इससे वातावरण में मौजूद जीवाणुओं और गंदगी से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एग्जिमा और खुजली आदि चर्म रोग हो जाते हैं।