तहसील इटवा में लोगों की समस्या सुनते डीएम शिवशरणप्पा जीएन, एसपी डाॅ. अभिषेक महाजन। स्रोत विज्ञ
इटवा। तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस में शनिवार को उस वक्ता अफरा-तफरी मच गई जब फरियादी चीखते हुए डीएम और एसपी के पास पहुंचा। गुहार लगाते हुए आरोप लगाया कि साहब! इटवा पुलिस एनकाउंटर कर देगी और फर्जी मुकदमे में फंसा देगी। यह आरोप डीएम व एसपी की मौजूदगी में लगाए जाने से मामले की लोगों के बीच चर्चा है।
स्थानीय कस्बे से सटे सिरसिया निवासी एक महिला को अदालत के एक आदेश के अनुपालन के तहत इटवा पुलिस ने दुकान की ऊपरी मंजिल पर रहने के लिए कब्जा दिला दिया। वहां जाने का एक मात्र रास्ता महिला के देवर की भूतल पर स्थित किराने की दुकान से ही होकर जाता है। ऐसे में महिला ऊपरी मंजिल पर जाने और घर से कहीं बाहर जाने पर दुकान में लगे शटर को बंद कर देती है, जिससे रोजी-रोटी का संकट हो जाता है।
इसी पीड़ा को लेकर यह लोग शनिवार को समाधान दिवस में आए थे कि वहां वह अपनी बात डीएम व एसपी के सामने रख ही रहे थे कि पीड़ित परिवार के साथ आए लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और वह जोर जोर से चिल्लाकर इटवा पुलिस पर एनकाउंटर करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
इस संबंध में पीड़ित दुकानदार दिलीप की मां हंसरावती ने बताया कि उसके परिवार का भरण पोषण सिरसिया मोड़ पर स्थित किराने की दुकान से होता है। उक्त दुकान की ऊपरी मंजिल पर जाने का रास्ता दुकान से ही होकर जाता है। इटवा पुलिस ने जिले के एक अदालत से हुए आदेश के अनुपालन में उसी दुकान/मकान में बड़े पुत्र की पत्नी को प्रवेश करवा दिया। दुकान, मकान में प्रवेश पाते ही वह दुकान में ताला लगाकर अंदर रहने लगी, जिससे उस मकान में किराने की दुकान कर रहा दूसरा पुत्र दुकानदारी नहीं कर पा रहा है। इटवा पुलिस से दुकान दिलाने के अनुरोध करने पर वह परिवार को एनकाउंटर की धमकी दे रही है।