शोहरतगढ़ में जुलूस के दौरान हुआ हंगामा।
शोहरतगढ़। कस्बे में बारावफात के जुलूस में प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखा फोड़ने और नारेबाजी करने का मामला सामने आया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो मनबढ़ उनसे टकराने लगे। पुलिस से भी हाथापाई करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ को रोकते हुए वहीं डट गए।
एक को हिरासत में लिया तो जुलूस में शामिल उसके साथी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। युवक को छोड़ने के बाद जुलूस आगे बढ़ा। पुलिस की सतर्कता से एक बार फिर शोहरतगढ़ कस्बे में बड़ा बवाल होने से बच गया। पुलिस पर मनबढ़ों के आक्रामक रवैये का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है।
शोहरतगढ़ कस्बे शुक्रवार को जामा मस्जिद से बारावफात का जुलूस निकाला गया। परंपरा के अनुसार राम जानकी मंदिर से पहले और आगे 50 मीटर तक हर साल चूने से लाइन खींच दी जाती है। इस परिधि में किसी भी प्रकार की ध्वनि या नारेबाजी करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहता है। लेकिन, जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने पहले तो हथगोला दागकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। आरोप है कि मंदिर के पास जुलूस में शामिल एक युवक ने सीटी बजा दी। पुलिस के मना करने पर झड़प हो गई। हमले की आशंका को देखते हुए जवानों ने लाठियां तान ली। इतने में जुलूस में शामिल कुछ मनबढ़ों ने जवानों को धक्का दे दिया।
साथी को धक्का मारता देख पुलिस के जवानों ने लाठियां तान ली और आक्रामक रुख अपना लिया। एक युवक को सिपाही ने पकड़ लिया और घसीटते हुए वहां से ले जाने लगा। जुलूस में शामिल लोग गुस्से में आ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए।
मामले की नजाकत को देखते हुए थाना प्रभारी बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने युवक को छुड़वा दिया। आरोप है कि उसके बाद जुलूस में शामिल युवकों ने उसे अपने कंधे पर बिठाकर आपत्तिजनक नारेबाजी की और आगे बढ़ गए। जुलूस में शामिल युवकों की हरकत से कस्बे में काफी आक्रोश है।
इस संबंध में सीओ प्रवीन प्रकाश ने कहा कि तेज आवाज का हथगोला फोड़ने की वजह से गोले का बारूद छिटककर किसी को लग गया था। उसी दौरान आपस विवाद होने लगा था। पुलिस ने मामला शांत करवाया। बारावफात का जुलूस सकुशल संपन्न कराया गया।