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Siddharthnagar News: बारिश के बाद बढ़ा बुखार और संक्रमण, सतर्कता जरूरी

Tue, 29 Sep 2026 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद - फोटो : ट्रॉमा सेंटर में भर्ती गर्म दूध से झुलसी बच्ची। संवाद
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- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे में पहुंचे 44 मरीज, 14 बुखार से पीड़ित
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- ओपीडी में भी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव के कारण बढ़े बीमारी के मामले
सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद मौसम साफ होते ही बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे के भीतर 44 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 14 मरीज तेज बुखार से पीड़ित मिले। हालत गंभीर होने पर कुछ मरीजों को भर्ती करना पड़ा। इसके अलावा उल्टी-दस्त, सीने में दर्द, सिरदर्द और अन्य समस्याओं से पीड़ित मरीज भी इमरजेंसी पहुंचे।
स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार पिछले तीन-चार दिनों में हुई बारिश के कारण कई लोग समय से अस्पताल नहीं पहुंच सके। हालत बिगड़ने के बाद मरीजों के इमरजेंसी में पहुंचने का सिलसिला बढ़ा है। वहीं, ओपीडी में भी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के मुताबिक बारिश के बाद मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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जनपद में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इसके बाद लोगों में बुखार, उल्टी-दस्त, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत बढ़ी है। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सोमवार शाम तक पिछले 24 घंटे में 44 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 14 बुखार से पीड़ित पाए गए। अन्य मरीजों में उल्टी-दस्त, सिरदर्द, सीने में दर्द समेत अन्य समस्याएं मिलीं। मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि बारिश के दौरान कई मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पाए। ऐसे में बीमारी बढ़ने पर उन्हें इमरजेंसी में लाया गया। मौसम में बदलाव का असर भी मरीजों की बढ़ती संख्या के पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है।
ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बाल रोग विभाग में प्रतिदिन 25 से अधिक बच्चे बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मेडिसिन विभाग में भी वायरल फीवर समेत अन्य समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ खानपान और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार मौसम बदलने के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बुखार होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने के बजाय जांच कराकर उपचार कराना चाहिए।

इमरजेंसी में बेड और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- डॉ. एनएन उपाध्याय, सीएमएस

मौसम बदलते ही बढ़ा बुखार का असर
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम, बदन दर्द, कमजोरी और पेट संबंधी समस्या वाले मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के बाद तापमान और वातावरण में बदलाव होने से वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। ऐसे में साफ-सफाई के साथ खानपान और पेयजल को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।

बारिश के बाद बीमारी का खतरा
लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। जलनिकासी बाधित होने पर यह पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। बारिश के बाद वातावरण में नमी और उमस रहने से भी संक्रमण फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। दिन और रात के तापमान में अंतर का असर भी लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
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बोले विशेषज्ञ
बारिश के बाद मौसम में बदलाव हो रहा है। इससे वायरल संक्रमण के मरीज बढ़ सकते हैं। अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी रहता है। ऐसे में ताजा भोजन और शुद्ध पानी का सेवन करें। बुखार या अन्य स्वास्थ्य समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह से ही दवा लें।
- डॉ. सीबी चौधरी, फिजिशियन, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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