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Siddharthnagar News: महंगाई पर लगे लगाम...सस्ती हों रोजमर्रा की वस्तुएं

Sat, 31 Jan 2026 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। साल 2026-27 का केंद्रीय बजट एक फरवरी को संसद में पेश होने वाला है। इसकी चर्चा आमजन और विशेषज्ञों के बीच पहले ही शुरू हो गई है। सुधिजनों का कहना है कि इस बार का आम बजट जन आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। आमजन की उम्मीद है कि सरकार महंगाई पर नकेल कसेगी और रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं की कीमतों पर ध्यान देगी।
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बिजली, पानी, आटा, दाल, चावल, तेल, दवाई और शिक्षा जैसी आवश्यक वस्तुओं में राहत मिलने पर इसका सीधे समाज के अंतिम पायदान के लोगों को फायदा होगा। इससे विजन-2047 को भी बल मिलेगा। रविवार को प्रस्तुत होने वाले आम बजट पर लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी।





2026- 2027 का केंद्रीय आम बजट लोक कल्याणकारी होना चाहिए। एनडीए-तीन सरकार का यह 12वां आम बजट है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है तो इसका फायदा देश के गरीबों को मिलना चाहिए। उनके उत्थान का ठोस प्रावधान होना चाहिए।
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- मनीष कुमार, युवा



व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर आम बजट सरकार को पेश करना चाहिए। टैक्स में छूट मिलना चाहिए। व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होने का भी प्रावधान इस बजट में होना चाहिए। क्योंकि व्यापारी ही देश की आर्थिक समृद्धि की रीढ़ होता है। व्यापारी सुरक्षा सबसे जरूरी है।

- अनूप छापड़िया, व्यापारी



इस आम बजट से जनता को बहुत उम्मीद हैं। 12 साल का समय कम नहीं होता है। घरेलू उपयोग के सामानों की बढ़ी कीमतों पर नियंत्रण लगाना सरकार का कर्तव्य है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्ग के लिए दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दरों में गिरावट आनी चाहिए।

- अमित चौधरी, लेखपाल।



ज्वेलरी के कीमत में इधर काफी उछाल आया है। दाल, तेल, रसोई गैस भी महंगा हुआ है। सीमित कमाई वाले लोगों के सामने परिवार के भरण पोषण की चुनौती है। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। आम बजट ऐसा हो कि इससे आम आदमी का फायदा हो।
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- प्रियंका यादव , गृहणी।





जनता की मुख्य अपेक्षाएं

- महंगाई पर नियंत्रण और रोजमर्रा की वस्तुओं में राहत।

- स्वास्थ्य और शिक्षा तक सस्ती और सुलभ पहुंच।

- कमजोर वर्गों और अंतिम पायदान के लोगों के लिए आर्थिक सुरक्षा।

- व्यापारियों के हितों और आर्थिक योगदान की सुरक्षा।

- बजट केवल लुभावना न हो, बल्कि वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचे।
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