सिद्धार्थनगर। तराई में मौसम रोज करवट बदल रहा है। शनिवार को सुबह से ही मौसम के तेवर सख्त रहे, गलन ने लोगों को परेशान किया। बादलों के छाने के साथ करीब आठ से 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवा ने ठंड के असर को और बढ़ा दिया। सुबह में बढ़ रही ठंड से एक बार फिर गतिविधियां प्रभावित होने लगीं हैं।
शनिवार की सुबह बादल छाए रहे। इसके साथ कोहरे भी छाए रहे हालांकि सुबह करीब छह बजे तक दृश्यता महज 50 मीटर तक रहा, उसके बाद कोहरा छटने लगा। लेकिन बादलों के छाने से व हवाओं की रफ्तार लोगाें को गलन का अहसास कराती रही। करीब नौ बजे से धूप भी खिल गई, लेकिन यह धूप एक स्थान पर बैठने वाले लोगों के लिए ही लाभकारी रही।
हालांकि, धूप का लाभ लोगों को दिन में करीब चार बजे तक ही देखने काे मिला। उसके बाद ठंड अपना पांव पूरी तरह से पसारना शुरू कर दिया, जिससे ठंड बढ़ने के साथ गलन भी बढ़ने लगी। इससे सर्द हवा के कारण लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। इस तरह के मौसम से सुबह-शाम मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को हाे रही है। इस बदले मौसम से पाला पड़ने से आलू और तिलहनी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने का डर किसानों को भी सताने लगा हैं।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार बादलों का आवाजाही घटेगी, लेकिन कोहरा बढ़ेगा। इससे सुबह-शाम ठंड का सामना करना पड़ेगा।