इटवा। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के बहादुरपुर के उचित दर विक्रेता महेंद्र प्रताप की दुकान पूर्ति निरीक्षक की संस्तुति पर डीएसओ ने निलंबित कर दिया है। जांच के दौरान अवशेष खाद्यान्न गोदाम में नहीं पाए जाने पर पूर्ति निरीक्षक राघवेंद्र शाही ने दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत इटवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जानकारी के मुताबिक विकास खंड खुनियांव के उचित दर विक्रेताओं की समीक्षा में ग्राम बहादुरपुर में 70 प्रतिशत से भी कम वितरण पाया गया। इसकी जांच के लिए पूर्ति निरीक्षक खुनियांव राघवेंद्र शाही गोदाम में उपलब्ध खाद्यान्न की उपलब्धता की जानकारी के लिए 30 जुलाई को गांव में पहुंचे।
वहां उन्होंने अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों से पूछताछ की। इस दौरान सूचना दिए जाने के बावजूद कोटेदार महेंद्र प्रताप मौके पर नहीं आए और मोबाइल बंद कर लिया। इससे गोदाम में बचे अवशेष खाद्यान्न की जानकारी नहीं मिल सकी। निरीक्षण में मिली अनियमितता की जानकारी पूर्ति निरीक्षक खुनियांव ने जिला पूर्ति अधिकारी को दी।
जानकारी मिलते ही डीएसओ ने उचित दर विक्रेता की दुकान को निलंबित करके बहादुरपुर की दुकान को बनगाई की दुकान से संबद्ध कर दिया। इस दौरान निलंबित कोटेदार महेंद्र प्रताप को बिक्री से बचें अवशेष खाद्यान्न को बनगाई के कोटेदार सोमई को देने का भी निर्देश दिए लेकिन उन्होंने अवशेष खाद्यान्न को सोमई को उपलब्ध नहीं कराए।
19 अगस्त को पूर्ति निरीक्षक खुनियांव ने कोटेदार महेंद्र प्रताप, उनकी मां किस्मती देवी, बनगाई कोटेदार सोमई और गांव वालों की मौजूदगी में गोदाम की जांच की। जांच में जून, जुलाई व अगस्त में अब तक अवशेष खाद्यान्न 57.92 क्विंटल गेहूं, 87.18 क्विंटल चावल, 1.62 क्विंटल चीनी के सापेक्ष मौके पर कुछ नहीं मिला। पूछताछ में कोटेदार महेंद्र प्रताप कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दे सका।
खाद्यान्न न मिलने पर पूर्ति निरीक्षक ने इसकी जानकारी डीएम को देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की। डीएम ने 21 अगस्त को पूर्ति निरीक्षक को प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
इस संबंध में एसओ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक खुनियांव राघवेंद्र शाही की तहरीर पर कोटेदार महेंद्र प्रताप के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।क