- भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र में 24,746 व्यक्तिगत और 93 सामुदायिक शौचालयों का हो चुका है निर्माण
भनवापुर। जिले को ओडीएफ घोषित हुए करीब सात साल हो रहे हैं। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का खुले में शौच जाना बंद नहीं हो रहा है। स्वच्छता मिशन के तहत गांवों में हर घर शौचालयों के साथ ही सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। बावजूद इसके भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है।
स्वच्छता मिशन के तहत अब तक भनवापुर 111 ग्राम पंचायतों में 24,746 व्यक्तिगत शौचालयों के साथ ही 93 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। इसमें लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण कार्य जोर-शोर से कराया गया था। करीब सात वर्ष पूर्व 2018 में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था, लेकिन जो स्थिति वर्तमान में है, वह कहीं न कहीं कई सवाल खड़ा करती है। गांवों में आज भी पुरुष और महिलाएं सुबह-शाम खेतों, नदी, पोखरों, तालाबों की ओर खुले में शौच करने के लिए जा रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने प्रोत्साहन राशि लेकर शौचालय का निर्माण तो करा लिया, लेकिन उसका उपयोग शौच करने के बजाय भूसा, उपले और लकड़ियां रखने में कर रहे हैं जबकि शासन ने लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए सुबह-शाम जागरूक करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत स्तर पर दी थी। कुछ महीनों तक तो जागरूकता अभियान व गोष्ठी आयोजित हुईं, लेकिन जैसे ही जिला ओडीएफ घोषित हुआ, वैसे ही जागरूकता अभियान व गोष्ठियां बंद कर दी गईं। इस ओर न तो जिम्मेदारों का ध्यान जा रहा है और न ही वह लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए कोई कारगर कदम उठा रहे हैं।
वर्जन
खुले में शौच मुक्त के लिए जागरूक किया जाएगा, जहां सामुदायिक शौचालयों का कार्य पूर्ण नहीं है उसे भी पूरा कराकर संचालित कराया जाएगा।
- बृजेश गुप्ता, एडीओ पंचायत
अभियान के क्रियान्वयन पर उठ रहे सवाल
भनवापुर। खुले में शौचमुक्त के लिए चलाए गए अभियान के क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सही तरीके से ओडीएफ घोषित किया गया होता तो यह स्थिति देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो छोड़िए शहर-कस्बा क्षेत्रों में कुछ कुछ स्थानों पर यही हाल है। जो कि स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहा। ओडीएफ घोषित करने के नाम पर पंचायत से लेकर शहर,कस्बों में बड़े अभियान चलाए गए थे। लेकिन यह अभियान सिर्फ समारोह का दिखावा तक ही सिमट कर रह गए थे।
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भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के इन ग्राम पंचायतों में शौचालयों की स्थित बदतर
भनवापुर। ब्लाक क्षेत्र के हटवा, हथपरा, भनवापुर, बौनाजोत, परसोहिया तिवारी, सोहना, अंदुआ शनिचरा, जुड़वनियां, वेंव मुस्ताहकम, असनहरा माफी, वीरपुर एहतमाली, वीरपुर कोहल, तेनुई, फूलपुर लाला, बभनी, भरवठिया मुस्ताहकम, महतिनियां बुजुर्ग, आदि ग्राम पंचायतों में व्यक्तिगत शौचालयों के साथ ही सामुदायिक शौचालयों कि स्थित बदतर है। इन गांवों में जाने वाले मुख्य मार्गों के दोनों तरफ खुले में शौच के कारण पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र के धनीराम, मायाराम, निरंजन, अरमान, मुकेश,आदि ने बताया कि गांवों में पैदल चलना जहां मुश्किल हो रहा है वहीं, बाइक या फोर व्हीलर से आने जाने के बाद गाड़ी बिना धुलवाए बैठने लायक नहीं रह जाता है। लोगों ने खुले में पूरी तरह शौंच मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाए और सार्वजनिक स्थलों रास्तों के आस पास शौंच जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी करने की मांग की है।
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